बिहार में अब जमीन का निबंधन (Bihar Land Registry) जीआईएस तकनीक से भौतिक सत्यापन के बाद होगा। मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग के सचिव अजय यादव ने राजस्व क्षति रोकने और विवाद कम करने के लिए यह निर्देश जारी किया है। वास्तविक भूमि और संरचना की सही जानकारी सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया गया है।
अब निबंधन की जानी वाली जमीन (Bihar Bhumi) का भौतिक सत्यापन भौगोलिक सूचना प्रणाली (GIS) से किया जाएगा। इस संबंध में मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग के सचिव अजय यादव ने सभी जिला अवर निबंधक एवं अवर निबंधक को पत्र भेजा है।
सचिव ने कहा है कि स्थल निरीक्षण के क्रम में ऐसा देखा जाता है कि पक्षकारों द्वारा वास्तविक रूप से अंतरित की जाने वाली भूमि एवं उसपर निर्मित संरचना की श्रेणी एवं क्षेत्रफल की सही जानकारी नहीं दी जाती है।
इससे सरकार को वास्तविक राजस्व की प्राप्ति नहीं होती है। राजस्व क्षति को रोकने के लिए निबंधन पूर्व दस्तावेजों का स्थल निरीक्षण सुनिश्चित हो।गुणवत्तापूर्ण स्थल निरीक्षण के साथ-साथ जीआईएस तकनीक का उपयोग हो। सीओ मौनी बहन ने बताया कि इससे राजस्व क्षति रूकेगा तथा विवाद में भी कमी आएगी।नगर निकाय की जमीन का निरीक्षण करेंगे निबंधन पदाधिकारी नगर निकाय में अवस्थित भूमि एवं उस पर अवस्थित संरचना के लिए स्थल निरीक्षण निबंधन पदाधिकारी द्वारा किए जाने का निर्देश जारी किया है। इसमें कहा गया है कि निबंधन पदाधिकारी द्वारा अन्य क्षेत्रों में स्थल निरीक्षण के लिए कार्यालय अधीक्षक, प्रधान लिपिक,उच्च वर्गीय लिपिक एवं निम्न वर्गीय लिपिक को भी प्राधिकृत किया जा सकता है।वहीं, कर्मियों द्वारा किए गए कुल स्थल निरीक्षण का 10 प्रतिशत क्रॉस वेरिफिकेशन निबंधन पदाधिकारी करेंगे। पदाधिकारी और कर्मियों द्वारा किए गए प्रत्येक स्थल निरीक्षण की इंट्री अनिवार्य रूप से कंप्यूटर में की जाएगी। फ्लैटों का निबंधन कराये जाने के लिए बिल्डर्स एसोसिएशन एवं रेरा से संपर्क स्थापित किया जाएगा।


