Tuesday, January 27, 2026

कैबिनेट विस्तार के साथ बिहार में बोर्ड, निगम और आयोगों का पुनर्गठन होगा।

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कैबिनेट विस्तार के साथ बिहार में बोर्ड, निगम और आयोगों का पुनर्गठन होगा। एनडीए सहयोगी विधानसभा चुनाव में मनोनीत पदाधिकारियों के प्रदर्शन की समीक्षा कर रहे हैं। कई पदधारकों के खिलाफ दल विरोधी आचरण की शिकायतें मिली हैं, जिन पर कार्रवाई होगी। नए युवा आयोग का गठन भी फरवरी में होने की उम्मीद है, जिसमें विषय विशेषज्ञों को प्राथमिकता मिलेगी। यह कदम सरकार को एक्शन मोड में दर्शाता है नीतीश कैबिनेट विस्तार से पहले एक्शन मोड में सरकार; बोर्ड-निगम और आयोगों में होगी छंटनी

कैबिनेट विस्तार के साथ बिहार में बोर्ड, निगम और आयोगों का पुनर्गठन होगा। एनडीए सहयोगी विधानसभा चुनाव में मनोनीत पदाधिकारियों के प्रदर्शन की समीक्षा कर रहे हैं। कई पदधारकों के खिलाफ दल विरोधी आचरण की शिकायतें मिली हैं, जिन पर कार्रवाई होगी। नए युवा आयोग का गठन भी फरवरी में होने की उम्मीद है, जिसमें विषय विशेषज्ञों को प्राथमिकता मिलेगी। यह कदम सरकार को एक्शन मोड में दर्शाता है।prefferd source googleNews Article Hero Imageमुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार। फाइल फोटोHighLightsकैबिनेट विस्तार के साथ बोर्ड, निगम, आयोगों का पुनर्गठन।मनोनीत पदाधिकारियों के प्रदर्शन की समीक्षा, कार्रवाई की तैयारी।फरवरी में युवा आयोग का गठन, विषय विशेषज्ञों को मौका।राज्य ब्यूरो, पटना। Bihar News: राज्य कैबिनेट में विस्तार के आसपास ही बोर्ड, निगम और मनोनयन के जरिए गठित होने वाले आयोगों का पुनर्गठन होगा। कुछ नए आयोग गठित भी होंगे।एनडीए के घटक दल अभी इस समीक्षा में जुटे हैं कि पिछले साल जिन नेताओं-कार्यकर्ताओं का मनोनयन किया गया था, वे विधानसभा चुनाव में कितने कारगर हुए।कई पदधारकों के विरूद्ध दल विरोधी आचरण की शिकायतें भी मिली थीं। घटक दलों ने शिकायतों की जांच कर ली है। संगठन के छोटे पदधारकों पर कार्रवाई भी हुई है।अब कार्रवाई के दायरे में वे लोग भी आएंगे, जिन्हें मनोनयन के आधार पर मंत्री स्तर का वेतन और दूसरी सुविधाएं दी जा रही हैं। सबसे अधिक मनोनयन कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति और नागरिक परिषद में हुआ है। चुनाव से ठीक पहले नागरिक परिषद का विस्तार जिलों तक किया गया।चुनाव के बाद आई थी श‍िकायतेंइसी तरह कार्यक्रम कार्यान्वयन की समितियां प्रखंड स्तर पर बनाई गईं। इनके माध्यम से एनडीए के हजारों कार्यकर्ताओं को ताकतवर बनाया गया।इसी तरह बोर्ड, निगम और आयोग के पद भी भरे गए। अपेक्षा की गई थी कि ये नए पदधारक विधानसभा चुनाव में एनडीए के उम्मीदवारों के लिए मददगार साबित होंगे।लेकिन, चुनाव के बाद कई पदधारकों के बारे में उम्मीदवारों की शिकायत आई कि वे जीत के बदले हार के प्रबंध में जुटे रहे।मधुबनी के बाबूबरही की जदयू विधायक मीना कामत ने एक मंत्री स्तरीय पदधारक के विरूद्ध लिखित शिकायत की है। अभी तक कार्रवाई नहीं हुई है।बिहार नागरिक परिषद में मंत्री स्तर के कुछ पद जिन्हें दिए गए थे, वे विधायक बन गए हैं। जदयू के मंजीत कुमार सिंह और राष्ट्रीय लोक मोर्चा के माधव आनंद नागरिक परिषद के उपाध्यक्ष थे। परिषद के पुनर्गठन में इनकी जगह नए को मौका मिलेगा

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