बसंत पंचमी आने में अब कुछ ही दिन बाकी रह गए हैं. कहा जाता है कि इस दिन माता सरस्वती की पूजा करने से जीवन में तरक्की और खुशहाली आती है. ऐसे में इस पर्व से जुड़े जरूरी नियमों को जानना बेहद जरूरी है, ताकि पूजा के दिन आपसे कोई गलती न हो.
बसंत पंचमी भारत का एक प्रसिद्ध और अत्यंत महत्वपूर्ण त्योहार है. यह पर्व हर साल माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है. इस दिन ज्ञान और विद्या की देवी माता सरस्वती की पूजा की जाती है. धार्मिक मान्यता है कि इस दिन जो भी भक्त विधि-विधान के साथ कुछ खास नियमों का पालन करते हुए माता सरस्वती की पूजा करता है, उसकी मनोकामनाएं माता सरस्वती पूर्ण करती हैं.आइए जानते हैं बसंत पंचमी के दिन क्या करना चाहिए और क्या नहीं.
बसंत पंचमी के दिन क्या करें?
पीले और सफेद रंग के कपड़े
बसंत पंचमी के दिन पीले और सफेद रंग के वस्त्र पहनना अत्यंत शुभ माना जाता है. पीला रंग खुशी, उत्साह और ज्ञान का प्रतीक है, जबकि सफेद रंग पवित्रता, शुद्धता और शांति का प्रतीक माना जाता है.
किताब-कलम की पूजा करें
इस दिन माता सरस्वती की पूजा करते समय उनके सामने अपनी किताबें, नोटबुक और कलम रखें. इसके बाद विधिवत पूजा करें और पढ़ाई व करियर में सफलता की कामना करें.
दान करें
बसंत पंचमी के दिन दान करना बहुत शुभ माना जाता है. इस दिन गरीब बच्चों को किताबें, कॉपियां, पेंसिल और पढ़ाई से जुड़ी अन्य सामग्री दान कर सकते हैं. ऐसा करने से माता सरस्वती प्रसन्न होती हैं.
सात्विक भोजन करें
बसंत पंचमी के दिन केवल सात्विक भोजन ग्रहण करना चाहिए. सात्विक भोजन से सकारात्मक ऊर्जा मिलती है और नकारात्मकता दूर होती है.
बसंत पंचमी के दिन क्या नहीं करें?
तामसिक भोजन न करें
बसंत पंचमी के दिन तामसिक भोजन करना अशुभ माना जाता है. मान्यता है कि इससे माता सरस्वती नाराज होती हैं और जीवन में नकारात्मकता बढ़ती है.
काले रंग के कपड़े न पहनें
इस दिन काले रंग के कपड़े पहनना अशुभ माना जाता है. माना जाता है कि काला रंग नकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करता है, इसलिए इससे बचना चाहिए.
पेड़-पौधे न काटें
बसंत पंचमी को प्रकृति का पर्व माना जाता है. इस दिन पेड़-पौधे काटने से व्यक्ति और उसके परिवार पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है.
बाल और नाखून न काटें
बसंत पंचमी के दिन बाल और नाखून काटना वर्जित माना गया है, इसलिए भूलकर भी इस दिन बाल और नाखून न काटें.


