Dhanbad : धनबाद डीसी आदित्य रंजन की अध्यक्षता में सोमवार को जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक हुई. बैठक में सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण को लेकर कई अहम
उन्होंने ट्रैफिक पुलिस को अतिरिक्त स्पीड गन उपलब्ध कराने, चिह्नित स्थानों पर स्पीड लिमिट कम करने, स्पीड लिमिट उल्लंघन पर फाइन से संबंधित साइन बोर्ड लगाने, इंटरसेप्टर वाहन से नियमित स्पीड जांच व बड़े पैमाने पर स्पीड डिटेक्टिंग कैमरे लगाने का निर्देश दिया. 8 लेन सड़क पर स्ट्रीट लाइट को दुरुस्त करने व आवश्यकता पड़ने पर सोलर स्ट्रीट लाइट लगाने का प्रस्ताव तैयार करने की बात कही.
उन्होंने सड़क सुरक्षा समिति व ट्रैफिक पुलिस से कहा कि ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध लगातार अभियान चलाएं. स्कूल बसों व स्कूल वैन में बच्चों की सुरक्षा से जुड़े नियमों का सख्ती से पालन कराने, सड़क किनारे पड़ी अनुपयोगी सामग्री हटाने, सभी अवैध कट बंद करने, फ्लाईओवर निर्माण स्थलों पर अतिक्रमण के विरुद्ध कार्रवाई करने, सड़क पर रखे बिल्डिंग मैटेरियल जब्त करने, डिवाइडर से छेड़छाड़ करने वालों पर कड़ी कार्रवाई करने, प्रेशर हॉर्न व मोडिफाइड साइलेंसर के विरुद्ध विशेष अभियान चलाने और नो हेलमेट–नो पेट्रोल अभियान का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया. उन्होंने सभी सीओ को अपने-अपने क्षेत्र के पेट्रोल पंपों की जांच करने का निर्देश दिया. कहा कि नो हेलमेट-नो पेट्रोल का पालन नहीं करने वाले पंपों का लाइसेंस रद्द करने की अनुशंसा की जाएगी.
369 स्थानों पर लगेंगे आधुनिक कैमरे
में नगर आयुक्त आशीष गंगवार ने बताया कि जिले में 369 स्थानों पर बुलेट कैमरा, ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (एएनपीआर) व पीटीजेड कैमरा लगाने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है. कैमरों के साथ स्पीकर, टू-वे कम्युनिकेशन सिस्टम व एसओएस सुविधा भी उपलब्ध रहेगी. आवश्यकता अनुसार ट्रैफिक लाइट भी लगाई जाएंगी.
राह-वीर योजना से मिलेगा प्रोत्साहन
नगर आयुक्त ने राह-वीर योजना की जानकारी देते हुए बताया कि सड़क दुर्घटना में घायलों की जान बचाने वाले नेक लोगों को प्रोत्साहित किया जाएगा. इस योजना के तहत मदद करने वाले व्यक्ति को 25,000 की नकद राशि, प्रशंसा पत्र व राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान प्रदान किया जाता है. ताकि लोग गोल्डन आवर में पीड़ितों की सहायता के लिए आगे आएं.
लाइट की कमी से दुर्घटना हुई तो एनएचएआई भी आरोपी
ग्रामीण एसपी कपिल चौधरी ने कहा कि कई दुर्घटनाओं में यह सामने आया है कि रोशनी की कमी एक बड़ा कारण रही है. उन्होंने स्पष्ट किया कि आगे यदि लाइट नहीं जलने के कारण दुर्घटना होती है, तो प्राथमिकी में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को भी पार्टी बनाया जाएगा. इस संबंध में सभी थाना प्रभारियों को निर्देश जारी किए जाएंगे.
पिछले वर्ष हुईं 391 सड़क दुर्घटनाएं
जिला परिवहन पदाधिकारी दिवाकर सी द्विवेदी ने बताया कि वर्ष 2025 में जनवरी से दिसंबर तक जिले में 391 सड़क दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 237 लोगों की मौत हुई, जबकि 129 लोग गंभीर रूप से घायल हुए. बैठक में एडीएम लॉ एंड ऑर्डर हेमा प्रसाद, एसडीओ लोकेश बारंगे, ट्रैफिक डीएसपी अरविंद कुमार सिंह सहित एनएचएआई दर्गापुर व धनबाद तथा अन्य विभागों के पदाधिकारी उपस्थित थे.


