रांची: इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) की प्रदेश कार्यकारिणी की आज रविवार को बैठक हुई. जिसमें कमेटी ने झारखंड सरकार को अल्टीमेटम दिया है और प्रदेश की स्वास्थ्य सेवा ठप करने की चेतावनी दी है.
प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में सर्वसम्मति से यह फैसला लिया गया कि अगर राज्य में क्लीनिकल स्टैब्लिशमेंट एक्ट में उत्तर प्रदेश और हरियाणा की तर्ज पर बदलाव नहीं हुए. साथ ही राज्य में मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट एक महीने के अंदर लागू नहीं हुआ तो राज्य में स्वास्थ्य सेवा को ठप कर दिया जाएगा.
आज प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में सर्वसम्मति से यह भी फैसला लिया गया कि आईएमए की नई कमेटी के चयन के लिए तीन वरिष्ठ सदस्यों का निर्वाचन मंडल बनाकर चुनाव की सारी जिम्मेदारी उन्हें सौंप दी जाए. इसके साथ साथ कोविड के दौरान पीड़ितों की सेवा करते हुए मारे गये चिकित्सकों को सरकार द्वारा भुला दिए जाने पर चिंता जताते हुए डॉ. आरएस दास के नेतृत्व में एक टीम बनाया गया है. राज्य भर के ऐसे सभी दिवंगत डॉक्टरों के परिजनों से मिलकर एक रिपोर्ट तैयार करेगा.
आईएमए के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. प्रदीप सिंह ने कहा कि यह बेहद चिंता का विषय है कि सरकार जिसे कोरोना वारियर्स कहती थी. उन डॉक्टरों के निधन के बाद उनके परिजनों का सुध भी लेना उचित नहीं समझा. आज की बैठक में जमशेदपुर से आनेवाले पूर्व मंत्री एवं विधायक सरयू राय से जुड़े सबजुडिस मामला भी उठा. जिसमें सर्वसम्मति से यह फैसला हुआ कि पीड़ित चिकित्सक डॉ. रेणुका चौधरी और उनके पुत्र के साथ आईएमए का पूरा समर्थन है.
आज की बैठक में इस बात पर भी चिंता जताई गई कि राज्य के मेडिकल स्टूडेंट को समय पर स्टाइपेंड नहीं मिल रहा है. आईएमए ने झारखंड सरकार से मांग की कि राज्य के सभी मेडिकल कॉलेजों के छात्रों को समय पर स्टाइपेंड भुगतान किया जाए. बता दें आज की बैठक में अध्यक्ष डॉ. एके सिंह, डॉ. सुमंत मिश्र, डॉ. बिमलेश कुमार सिंह, डॉ. अभिषेक रामदीन, डॉ. स्टीफन खेस साहिर सभी जिलों से आईएमएफ पदाधिकारी शामिल हुए.


