झारखंड महिला कांग्रेस प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में कई प्रमुख एजेंडों पर विचार-विमर्श किया गया.
रांची: झारखंड प्रदेश महिला कांग्रेस की कमान पूर्व मेयर रमा खलखो के हाथों में सौंपे जाने के बाद शुक्रवार को प्रदेश कार्यकारिणी की पहली बैठक हुई. झारखंड प्रदेश कांग्रेस के रांची कार्यालय के सभागार में आयोजित महिला कांग्रेस प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में मूल रूप से तीन एजेंडे पर विस्तृत चर्चा की गई. पार्टी के वरिष्ठ नेत्री और रांची जिला परिषद की पूर्व अध्यक्ष सुंदरी तिर्की की उपस्थिति में हुई पहली कार्यकारिणी की बैठक में महिला कांग्रेस की प्रदेश भर से पदाधिकारी रांची पहुंचीं थीं.
इन तीन एजेंडे पर हुई चर्चा
प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष रमा खलखो ने बताया कि उनके प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद प्रदेश कार्यकारिणी की यह पहली बैठक हुई है. बैठक में राज्य के सभी 25 सांगठनिक जिलों में महिला कांग्रेस के स्वरूप की समीक्षा की गई है. वहीं यूपीए सरकार द्वारा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नाम से शुरू की गई “मनरेगा” योजना की जगह मोदी सरकार द्वारा शुरू किए गए “विकसित भारत-जी राम जी” योजना की मजदूर विरोधी प्रावधानों को श्रमिकों खासकर महिला श्रमिकों के बीच ले जाना है. रमा खलखो ने कहा कि इसके साथ-साथ तीसरे एजेंडे के रूप में निकट भविष्य में झारखंड में होनेवाले शहरी निकाय चुनाव को लेकर विस्तार से रणनीति बनाई गई.
उन्होंने कहा कि महिला कांग्रेस के सभी कार्यकारिणी सदस्यों को यह निर्देश दिया गया है कि वह अपने-अपने क्षेत्र में वैसी सभी पार्टी से जुड़ी महिलाओं की सूची तैयार करें जो नगर निकाय चुनाव में अपनी भागीदारी निभाना चाहती हैं. जल्द से जल्द उन महिलाओं की एक सूची बनाकर प्रदेश मुख्यालय भेजने का निर्देश दिया गया है. रमा खलखो ने कहा कि सभी जिलों से सूची मिल जाने के बाद उस सूची को फाइनल अप्रूवल के लिए महिला कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा के सामने प्रस्तुत किया जाएगा.

महिला कांग्रेस शहरी क्षेत्र में मजबूतः रमा खलखो
रमा खलखो ने कहा कि महिला कांग्रेस का शहरी क्षेत्र में एक मजबूत जनाधार पहले भी था और आज भी है. ऐसे में जब हमारे कार्यकर्ता खासकर महिला कांग्रेस से जुड़ी महिलाएं चुनाव मैदान में होंगी तो उसका सकारात्मक असर वोटरों पर पड़ेगा. रमा खलखो ने कहा कि भले ही आगामी चुनाव दलीय आधार पर न हो रहा हो, लेकिन राज्यभर के शहरी इलाकों में कांग्रेस का मजबूत जनाधार है. जब हमारी पार्टी के नीति-सिद्धांतों पर विश्वास करने वाले अपने लोग ज्यादा से ज्यादा वार्ड पार्षद, अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, मेयर, डिप्टी मेयर बनेंगे तो उसका लाभ पार्टी और संगठन को जरूर मिलेगा


