Tuesday, January 27, 2026

बिहार शिक्षा विभाग ने अंतरजिला स्थानांतरित शिक्षकों के लिए नए विद्यालयों में योगदान करना अनिवार्य कर दिया है।

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बिहार शिक्षा विभाग ने अंतरजिला स्थानांतरित शिक्षकों के लिए नए विद्यालयों में योगदान करना अनिवार्य कर दिया है। अपर मुख्य सचिव डॉ. बी. राजेन्दर के आदेशानुसार, जो शिक्षक योगदान नहीं करेंगे उन पर कठोर कार्रवाई होगी। अब तक 23 जिलों में स्कूल आवंटित हो चुके हैं, जबकि 12 जिलों में प्रक्रिया जारी है। ई-शिक्षा कोष के माध्यम से 27,171 शिक्षकों को जिला आवंटित किया गया था

पटना।  राज्य में सरकारी शिक्षकों का स्थानांतरित विद्यालयों में योगदान करना अनिवार्य कर दिया गया है। यह प्रावधान शिक्षकों के अंतरजिला स्थानांतरण संबंधी उस मार्गदर्शिका में है, जो शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डाॅ. बी. राजेन्दर के हस्ताक्षर से सभी जिलों को बतौर आदेश जारी किया गया है।

इसमें दो टूक आदेश है कि सभी जिला द्वारा मार्गदर्शिका का अक्षरशः अनुपालन किया जाएगा। जो शिक्षक विद्यालय में योगदान नहीं करेंगे उन पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। 

निर्देश के अनुसार जब स्थानांतरित शिक्षकों को पदस्थापित करने के लिए विद्यालय आवंटित किया गया है तो संबंधित शिक्षकों को स्थानांतरित विद्यालयों में योगदान अनिवार्य किया जा रहा है।

23 ज‍िलों के श‍िक्षकों को होगा स्‍कूल आवंटन 

इससे संबंधित आदेश संबंधित जिलों के जिला शिक्षा पदाधिकारियों द्वारा निर्गत किया गया हैं। अब तक 23 जिलों में अंतरजिला स्थानांतरित शिक्षकों को विद्यालय आवंटित किया गया है।

शिक्षकों द्वारा स्थानांतरित विद्यालयों में योगदान दिया जा रहा है। 12 जिले ऐसे हैं, जहां स्कूल आवंटन का कार्य प्रगति पर है। इनमें समस्तीपुर, भोजपुर, कटिहार, लखीसराय, जहानाबाद, मधुबनी, मुजफ्फरपुर, खगड़िया, पश्चिमी चंपारण, सारण, सिवान और जमुई शामिल हैं।

बाकी तीन जिलों में स्थानांतरित शिक्षकों विद्यालय आवंटन का कार्य शुरू किया जा रहा है। शिक्षकों को ई-शिक्षा कोष के माध्यम से विद्यालय आवंटित किया जा रहा है।

आवागमन की असुविधा से कर रहे संकोच 

अंतरजिला स्थानांतरण के लिए ई-शिक्षा कोष के माध्य से 41,689 शिक्षकों ने आवेदन किया था, इनमें 27,171 शिक्षकों को जिला आवंटित किया गया था।

इनमें 22,928 शिक्षकों द्वारा प्रखंडों के विकल्प दिए गए थे। इस बीच वैसे अंतरजिला स्थानांतरित शिक्षक परेशान नजर आ रहे हैं, जिन्हें विकल्प वाला प्रखंड तो मिल गया, लेकिन आवागमन की दृष्टि से उस प्रखंड में आवंटित विद्यालय की तुलना में वर्तमान पदस्थापन वाला विद्यालय उन्हें सुविधाजनक लग रहा है।

ऐसे में वर्तमान पदस्थापन वाले विद्यालय में ही बने रहना चाहते हैं, लेकिन अंतरजिला स्थानांतरण संबंधी मार्गदर्शिका में प्रावधान नहीं होने क वजह से ऐसा संभव नहीं है।

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