सहकारिता विभाग सहरसा में मखाना किसानों के लिए जिलास्तरीय सहकारी बैंक स्थापित कर रहा है। इससे मखाना किसानों को उत्पादन, प्रसंस्करण और विपणन के लिए कैश क्रेडिट मिलेगा। यह सुविधा किसानों को महाजनों के चंगुल से मुक्ति दिलाएगी और उनकी आय बढ़ाएगी। इससे मखाना का उत्पादन भी बढ़ेगा, जिससे क्षेत्र के किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा
सहरसा। सहकारिता विभाग द्वारा जहां मखाना किसानों की सहकारी समिति का गठन किए जाने की तैयारी की जा रही है। वहीं सहरसा जिला मुख्यालय में समितियों की देखरेख में जिलास्तरीय सहकारी बैंक स्थापना की तैयारी लगभग पूरी हो गई है।
इसकी स्थापना के बाद मखाना किसानों की सहकारी समितियों को इस बैंक के माध्यम से उत्पादन, प्रसंस्करण, पैकेजिंग व विपणन के लिए कैश क्रेडिट की सुविधा भी प्रदान की जाएगी।
राशि की सुविधा मिलने से मखाना किसानों की आमदनी बढ़ेगी और उन्हें महाजनों के चंगुल से मुक्ति मिलेगी। इससे मखाना का उत्पादन भी बढ़ेगा।

पूंजी के अभाव में अपेक्षित लाभ नहीं ले पाते इलाके के मखाना किसान
सरकार द्वारा मखाना बोर्ड के गठन की घोषणा के बाद भी अबतक किसानों को किसी प्रकार की सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई। फलस्वरूप कोसी प्रभावित पिछड़े इलाके के मखाना की खेती करनेवाले किसान पूरी तरह महाजनों पर निर्भर हैं। इन किसानों द्वारा मखाना की खेती तो की जाती है, परंतु महाजनों की राशि करने के कारण इनलोगों को लावा तैयार करने, पैकेजिक कर बेचने का अवसर नहीं मिल पाता।
इस जिले के किसानों को महाजनों की राशि लौटाने के लिए तत्काल पैसे की आवश्यकता पड़ती है, इसलिए उन्हें दरभंगा, पूर्णिया, फारबिसगंज आदि जगहों के व्यापारियों के हाथ मखाना का गुरी ही बेचने के लिए विवश होना पड़ता है। इस कारण इन किसानों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाता। कुछ ही किसान लावा तैयार कर पाते हैं।
मखाना किसानों की सहकारी समिति बनने और कैश क्रेडिट की सुविधा मिलने से पूंजी की समस्या का समाधान होगा। किसान महाजनों के चंगुल से निकल पाएंगे। बैंक से प्राप्त कैश क्रेडिट की राशि का उपयोग कर मखाना किसान उत्पादन के साथ- साथ स्थानीय स्तर पर प्रसंस्करण व पैकेजिंग में लगा सकेंगे। तब इसे इसे दूर- दूर भेजा जा सकेगा। इससे मखाना किसानों की स्थिति में काफी सुधार हो सकता है।
क्या कहते हैं मखाना किसान?
मखाना उत्पादक तुलसियाही निवासी भूषण साह कहते हैं कि हमलोगों ने अबतक सिर्फ बोर्ड गठन की घोषणाएं सुनी। अबतक सरकार स्तर से कोई सहायता नहीं मिली। ऐसे में मखाना किसानों का सहकारी समिति गठन का निर्णय बेहद ही प्रशंसनीय है। जिलास्तरीय बैंक खुलने से किसानों को काफी लाभ मिलेगा।
महिषीके मखाना किसान मनोहर मुखिया, बेचन कुमार आदि का कहना है कि महाजनों के बल पर मखाना की खेती का कोई खास लाभ नहीं है। सरकार स्तर से सहयोग होगा, तो इलाके में मखाना का उत्पादन बढ़ेगा और किसानों की भी हालात में सुधार होगा।
सहरसा में जिलास्तरीय सहकारी बैंक स्थापना की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है। कुछ कार्य शेष है, जो शीघ्र ही पूरा होगा। इससे मखाना किसानों की समिति और अन्य कृषक समितियों को विभाग द्वारा कैश क्रेडिट के अलावा अन्य कई प्रकार की सुविधा प्रदान की जाएगी। इससे इस क्षेत्र के मखाना किसानों को अत्यधिक लाभ मिलेगा। उत्पादन में भी बढ़ोतरी होगी। – जयप्रकाश सिंह, डीसीओ, सहरसा


