आरा में वायु प्रदूषण गंभीर स्तर पर पहुंच गया है, रविवार को इसका एक्यूआई 312 दर्ज किया गया, जो बिहार में सर्वाधिक है। यह "बेहद खराब" श्रेणी में आता है और स्वास्थ्य के लिए अत्यंत खतरनाक है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक बाहर न निकलने, मास्क पहनने और सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने की अपील की है। निर्माण कार्यों में धूल नियंत्रण पर भी जोर दिया गया है।
आरा। बिहार में वायु प्रदूषण ने गंभीर रूप धारण कर लिया है। रविवार को भोजपुर जिला मुख्यालय में आरा की हवा राज्य में सबसे अधिक जहरीली रिकॉर्ड की गई। आरा का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 312 तक पहुंच गया, जो “बेहद खराब” श्रेणी में आता है।
यह स्तर आम जनजीवन के साथ-साथ स्वास्थ्य के लिए भी अत्यंत खतरनाक माना जाता है। पिछले एक सप्ताह से लगातार आरा की हवा बिगड़ती जा रही थी, लेकिन रविवार को हालात सबसे चिंताजनक हो गए।
बिहार के अन्य जिलों की तुलना करें तो आरा की स्थिति सबसे ज्यादा खराब रही। सिवान 229 एक्यूआई के साथ दूसरे स्थान पर रहा, जबकि हाजीपुर 223, बक्सर 215, पटना 206 और राजगीर 193 एक्यूआई के साथ प्रदूषित जिलों की सूची में शामिल रहे।
इसके उलट रविवार को राज्य की सबसे शुद्ध हवा मुंगेर में दर्ज की गई, जहां एक्यूआई 104 रहा। अररिया में भी अपेक्षाकृत बेहतर स्थिति रही और वहां एक्यूआई 109 रिकॉर्ड किया गया।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार 300 से ऊपर का एक्यूआई सभी आयु वर्ग के लोगों के लिए खतरनाक होता है। इससे आंखों में जलन, सांस लेने में तकलीफ, खांसी, सिरदर्द और हृदय व फेफड़ों से जुड़ी समस्याएं बढ़ सकती हैं।
दमा, हृदय रोग और फेफड़ों की बीमारी से पीड़ित लोगों को विशेष खतरा रहता है। बच्चों और बुजुर्गों को भी ऐसे हालात में अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।
प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि अत्यधिक प्रदूषण के समय अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें। सुबह-शाम की सैर फिलहाल टाल दें, मास्क का प्रयोग करें और घरों में दरवाजे-खिड़कियां बंद रखें।
खुले में कचरा जलाने से बचें और निजी वाहनों के बजाय सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें। निर्माण कार्यों में धूल नियंत्रण के उपाय अपनाने पर भी जोर दिया गया है। यदि आने वाले दिनों में मौसम में बदलाव नहीं हुआ और हवा की गति नहीं बढ़ी, तो प्रदूषण का स्तर और खतरनाक हो सकता है।
ऐसे में प्रशासनिक सख्ती के साथ-साथ आम नागरिकों की जागरूकता ही इस समस्या से निपटने का सबसे बड़ा उपाय है। आरा की बिगड़ती हवा ने साफ संकेत दे दिया है कि समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो इसका खामियाजा पूरे समाज को भुगतना पड़ेगा।
बिहार के टॉप एक्यूआई वाले दस जिले
| जिला / शहर | एक्यूआइ (AQI) | वायु गुणवत्ता श्रेणी |
|---|---|---|
| सिवान | 229 | खराब |
| हाजीपुर | 223 | खराब |
| बक्सर | 215 | खराब |
| पटना | 206 | खराब |
| राजगीर | 193 | मध्यम प्रदूषित |
| बेगूसराय | 159 | मध्यम प्रदूषित |
| छपरा | 155 | मध्यम प्रदूषित |
| मुजफ्फरपुर | 150 | मध्यम प्रदूषित |
| भागलपुर / गया | 142 | मध्यम प्रदूषित |
| औरंगाबाद | 137 | मध्यम प्रदूषित |
पिछले एक सप्ताह में आरा की रही एक्यूआई
| दिनांक (जनवरी 2026) | एक्यूआइ (AQI) | वायु गुणवत्ता श्रेणी |
|---|---|---|
| 5 जनवरी | 141 | मध्यम प्रदूषित |
| 6 जनवरी | 181 | मध्यम प्रदूषित |
| 7 जनवरी | 205 | खराब |
| 8 जनवरी | 233 | खराब |
| 9 जनवरी | 210 | खराब |
| 10 जनवरी | 234 | खराब |
| 11 जनवरी | 312 | बहुत खराब |


