उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बिहार भूमि पोर्टल पर ‘पहले आइए, पहले पाइए’ व्यवस्था को 31 मार्च, 2026 तक अस्थायी रूप से स्थगित करने का निर्देश दिया है। इसका उद्देश्य जनसंवाद से प्राप्त आवेदनों का त्वरित निपटारा करना है, क्योंकि वर्तमान प्रणाली से प्राथमिकता वाले मामलों में देरी हो रही थी। इसके अतिरिक्त, जनवरी माह में बिहार के सभी निबंधन कार्यालय रविवार और अन्य अवकाशों (राष्ट्रीय अवकाश छोड़कर) पर भी खुले रहेंगे, जिससे कामकाजी लोगों को संपत्ति पंजीकरण में सुविधा मिलेगी।
पटना। उपमुख्यमंत्री सह मंत्री राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि भूमि सुधार जनकल्याण संवाद के दौरान आम जनता से प्राप्त आवेदनों के त्वरित और समयबद्ध निष्पादन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बिहार भूमि पोर्टल पर लागू पहले आइए, पहले पाइए व्यवस्था को 31 मार्च, 2026 तक अस्थायी रूप से स्थगित करने का निर्देश दिया गया है।
सरकार की प्राथमिकता है कि जनसंवाद से जुड़े मामलों का समाधान बिना अनावश्यक विलंब के किया जाए।इस संबंध में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग विशेष कार्य पदाधिकारी मणि भूषण किशोर द्वारा राज्य सूचना विज्ञान पदाधिकारी, बिहार स्टेट सेंटर (एनआईसी), पटना को पत्र भेजकर आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।
पत्र में कहा गया है कि वर्तमान व्यवस्था के कारण कई प्राथमिकता श्रेणी के मामलों के निपटारे में विलंब हो रहा है। यह देखते हुए इसे अस्थायी रूप से शिथिल करना आवश्यक हो गया है।
जनवरी में रविवार और अवकाश के दिन भी होगा निबंधन
राज्य के सभी निबंधन कार्यालय रविवार और घोषित अवकाशों (राष्ट्रीय अवकाश को छोड़कर) पर भी खुले रहेंगे। मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है।
विभाग के अनुसार, यह सुविधा केवल जनवरी माह के लिए लागू होगी। राष्ट्रीय अवकाशों को छोड़कर शेष सभी अवकाशों पर निबंधन कार्यालय सामान्य कार्य दिवसों की तरह खुले रहेंगे और दस्तावेजों का निबंधन किया जाएगा।
इस नई व्यवस्था से कामकाजी लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। वे रविवार या अन्य अवकाशों पर भी संपत्ति संबंधी दस्तावेजों का निबंधन करा सकेंगे, जिससे कार्य दिवसों में होने वाली भीड़ कम होगी।


