वित्तीय सेवा विभाग (Department of Financial Services – DFS) ने अपने तीन महीने के राष्ट्रव्यापी अभियान ‘आपका पैसा, आपका अधिकार’ का सफलतापूर्वक समापन किया है. इस अभियान के तहत देशभर के नागरिकों को उनकी वर्षों से लंबित अनक्लेम्ड संपत्तियां वापस दिलाई गईं. अभियान के दौरान करीब ₹4,200 करोड़ की राशि सही हकदारों को सौंपी गई.
अभियान की शुरुआत और उद्देश्य
यह अभियान 4 अक्टूबर 2025 को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा लॉन्च किया गया था. इसका मुख्य उद्देश्य उन लोगों तक पहुंचना था जिनकी बैंक जमा, बीमा राशि, म्यूचुअल फंड या पेंशन जैसी वित्तीय संपत्तियां लंबे समय से बिना दावा किए पड़ी थीं.
अभियान को Awareness (जागरूकता), Access (पहुंच) और Action (कार्रवाई) यानी 3A मॉडल के तहत संचालित किया गया.
देशव्यापी कवरेज और चरणबद्ध कार्यान्वयन
‘आपका पैसा, आपका अधिकार’ अभियान को 10 चरणों में देश के 748 जिलों में लागू किया गया. हर जिले में विशेष कैंप लगाए गए, जहां नागरिकों को उनकी अनक्लेम्ड राशि के बारे में जानकारी दी गई और दावा प्रक्रिया में सीधी मदद की गई.
वित्तीय नियामकों के बीच मजबूत समन्वय
इस अभियान की सफलता का सबसे बड़ा कारण प्रमुख वित्तीय नियामकों के बीच बेहतर समन्वय रहा. इनमें शामिल थे.
- भारतीय रिजर्व बैंक (RBI)
- सेबी (SEBI)
- आईआरडीएआई (IRDAI)
- पीएफआरडीए (PFRDA)
- निवेशक शिक्षा एवं संरक्षण कोष प्राधिकरण (IEPFA)
इन संस्थाओं के सहयोग से नागरिकों को एक ही मंच पर समाधान उपलब्ध कराया गया.
डिजिटल प्लेटफॉर्म की अहम भूमिका
अभियान के दौरान मौजूदा डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का प्रभावी उपयोग किया गया, जैसे.
- RBI का UDGAM पोर्टल – बैंक जमा के लिए
- IRDAI का बीमा भरोसा (Bima Bharosa) – बीमा दावों के लिए
- SEBI का MITRA प्लेटफॉर्म – म्यूचुअल फंड निवेश के लिए
इन प्लेटफॉर्म्स की मदद से नागरिक आसानी से अपनी अनक्लेम्ड संपत्तियों को ट्रैक और क्लेम कर सके.
राज्य और स्थानीय स्तर पर सहयोग
वित्त मंत्रालय के अनुसार, अभियान को राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (SLBC), राज्य स्तरीय बीमा समितियों, लीड डिस्ट्रिक्ट मैनेजर्स और अन्य स्थानीय प्रशासन का पूरा समर्थन मिला. कैंपों में जनप्रतिनिधियों, वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों और फील्ड स्टाफ की सक्रिय भागीदारी रही.
जागरूकता सामग्री और क्षेत्रीय भाषाओं पर जोर
अभियान की पहुंच बढ़ाने के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOPs), FAQs, क्षेत्रीय भाषाओं में जागरूकता सामग्री और छोटे ऑडियो-विजुअल संदेश व्यापक रूप से प्रसारित किए गए.
DEA फंड क्या है?
डिपॉजिटर एजुकेशन एंड अवेयरनेस (DEA) फंड योजना, 2014 के तहत यदि कोई बचत या चालू खाता 10 वर्षों तक निष्क्रिय रहता है या सावधि जमा की परिपक्वता के 10 वर्षों तक दावा नहीं किया जाता, तो वह राशि अनक्लेम्ड डिपॉजिट मानी जाती है और RBI के DEA फंड में स्थानांतरित कर दी जाती है. 31 मार्च 2025 तक DEA फंड में कुल अनक्लेम्ड राशि ₹74,580.45 करोड़ थी.
हकदारों के लिए दावा प्रक्रिया
जमाकर्ता या उनके कानूनी उत्तराधिकारी संबंधित बैंक से दावा कर सकते हैं. सत्यापन के बाद बैंक राशि और ब्याज का भुगतान करता है और बाद में RBI से प्रतिपूर्ति लेता है. RBI ने बैंकों को शिकायत निवारण प्रणाली, रिकॉर्ड रखरखाव और बोर्ड-स्वीकृत नीति बनाने के निर्देश भी दिए हैं.


