Thursday, March 26, 2026

हजारीबाग के बिरहोर टंडा में बिरहोर समुदाय के जीवन में जिला प्रशासन और कुछ युवाओं के प्रयास से बदलाव आ रहा है.

Share

हजारीबाग: जिले का चुरचू नगड़ी बिरहोर टोला अब विकास की ओर बढ़ रहा है. एक ओर जहां जिला प्रशासन विलुप्त होती बिरहोर जनजाति के संरक्षण के लिए लगातार काम कर रहा है, वहीं दूसरी ओर समाज के युवा भी इस पहल में अहम योगदान दे रहे हैं. जिले के युवा बिरहोर गांवों में जाकर उनके बच्चों को उन्हीं के टोले में शिक्षित कर रहे हैं.

बिरहोर एक आदिम जनजाति है, जिसे संरक्षित करने के लिए सरकार की कई योजनाएं धरातत पर उतरी हैं. इसके बावजूद, वे मुख्यधारा से कोसों दूर हैं. हालांकि, काफी कोशिशों के बाद, उनका व्यवहार धीरे-धीरे बदल रहा है और वे मुख्यधारा में शामिल हो रहे हैं. इसका जीता-जागता उदाहरण चुरचू प्रखंड के नगड़ी गांव में बिरहोर टंडा में देखा जा सकता है

बिरहोर समुदाय सालों से बहुत कम ही संसाधनों के साथ अपनी जीवन गुजारते आ रहे हैं. हजारीबाग उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह की कोशिशों की वजह से टंडा में थोड़ा बदलाव आया है. यहां के लोग अब बेहतर घरों में रह रहे हैं. कुछ महीने पहले तक, वे टूटी-फूटी झोपड़ियों में, गंदगी और अंधकार में रहा करते थे.

अब, उनकी स्थिति और परिस्थिति दोनों में बदलाव आया है. हजारीबाग उपायुक्त का भी कहना है कि सरकार की सकारात्मक सोच और जिला प्रशासन की कोशिशों से उनके जीवन में बदलाव आया है. एनटीपीसी की मदद से उनके घरों को दुरुस्त किया जा रहा है.

Birhor Tanda Hazaribag

जिला प्रशासन बिरहोरों के विकास के लिए काम कर रहा है. वहीं दूसरी ओर, समाज के कुछ युवा भी उन्हें शिक्षा से जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं ताकि उनका जीवन स्तर बेहतर हो सके. हजारीबाग के कुछ युवा बिरहोर टंडा जाकर उन्हें निशुल्क शिक्षा देते हैं. अब स्थित ऐसी हो गई है कि अगर शहर के ये बच्चे बिरहोर टंडा नहीं पहुंच पाते हैं, तो वहां के बिरहोर छोटे बच्चों को पढ़ाते हैं. शिक्षा से जुड़ने से उनके जीवन में परिवर्तन आया है. वे अब अपने अधिकारों के बारे में सोच रहे हैं और अपने जीवन को बेहतर बनाने के बारे में भी जागरूक हो रहे हैं.

Birhor Tanda Hazaribag

चुरचू नगड़ी के बिरहोर टंडा में रहने वाले आदिम जनजाति के लोग भी अपने जीवन में हुए बदलाव की बात करते हैं. पहले उन्हें टूटे-फूटे घरों में रहना पड़ता था. अब वे साफ-सुथरे, पक्के घरों में रहते हैं. बस्ती में बिजली और पीने का पानी की भी व्यवस्था हो गयी है. बिरहोर पहले काम नहीं किया करते थे. लेकिन अब वे काम भी कर रहे हैं. बिरहोर के बच्चे स्कूल जा रहे हैं, जो एक बड़े बदलाव को दर्शाता है.

Read more

Local News