Friday, March 27, 2026

झारखंड हाईकोर्ट ने खूंटी की जेल अधीक्षक को एजेंसी को बकाया भुगतान का आदेश दिया है.

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खूंटीः झारखंड हाईकोर्ट ने खूंटी की जेल अधीक्षक अनुराधा सिंह को मेसेर्स अष्ट विनायक इंटरप्राइजेज को बकाया 2,08,985 भुगतान करने का निर्देश दिया है. हाईकोर्ट ने 24 घंटे के भीतर भुगतान करने का निर्देश देने का आदेश देते हुए कहा है कि अगर भुगतान नहीं होता है तो 19 दिसंबर को हाईकोर्ट में सशरीर हाजिर होकर जवाब दाखिल करें. ऐसा नहीं होने पर हाईकोर्ट अवमानना के तहत कार्रवाई करेगी.

दरअसल, मेसेर्स अष्ट विनायक इंटरप्राइजेज ने खूंटी जेल में किचन शेड के निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया के तहत 17,41,000 की राशि से निर्माण कार्य शुरू किया था. समय अवधि के भीतर एजेंसी ने निर्माण पूर्ण कर संबंधित विभाग को बिल के लिए कागजी प्रक्रिया के तहत राशि की मांग की. विभाग ने पहली किश्त की राशि 15 लाख 35 हजार भुगतान कर दिया.

साल 2021-22 में शेष राशि के भुगतान के लिए कागजी प्रक्रिया की गई लेकिन जेल अधीक्षक ने राशि आवंटन नहीं होने का हवाला देकर भुगतान रोक दिया. बाद में एजेंसी आलोक कुमार सिंह ने मार्च 2023 को हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर कर कोर्ट से अनुरोध किया कि बकाया का भुगतान करा दिया जाए.

रिट याचिका दायर करने के 10 माह बाद हाईकोर्ट ने चार सप्ताह के भीतर जेल अधीक्षक को बकाया भुगतान करने का निर्देश जारी किया. फिर भी जेल अधीक्षक ने कोर्ट के निर्देशों का पालन नहीं किया और एजेंसी को भुगतान नहीं किया. बाद में एजेंसी ने हाईकोर्ट में अवमानना वाद याचिका संख्या 1483/2025 दायर किया. बाद हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस तरलोक सिंह चौहान की खंडपीठ ने मामले को गंभीर बताते हुए जेल अधीक्षक को फटकार लगाई और आदेश दिया कि 24 घंटे के भीतर बकाया राशि 2,08,985 का भुगतान करें अन्यथा कोर्ट में आकर स्पष्टिकरण दें, नहीं तो हाईकोर्ट उनके विरुद्ध अवमानना चलाएगी.

प्रार्थी के ओर से अधिवक्ता विशाल कुमार राय ने बताया कि मेसेर्स अष्ट विनायक इंटरप्राइजेज की अवमानना वाद संख्या 1483/2025 में खूंटी की जेल अधीक्षक को 24 घंटे के अंदर भुगतान करने का आदेश किया गया है. ऐसा नहीं होने पर जेल अधीक्षक को सशरीर हाजिर होने का निर्देश दिया गया है. ये मामला खूंटी जेल में किचन के निर्माण से संबंधित बकाये का है.

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