Friday, March 20, 2026

रेलवे अधिनियम 1989 के तहत पहले से मौजूद नियमों को अब चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा.

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 भारतीय रेलवे ने ट्रेन यात्राओं के दौरान तय सीमा से अधिक सामान ले जाने को लेकर एक बार फिर सख्ती करने की तैयारी की है. रेलवे अधिनियम 1989 के तहत पहले से मौजूद नियमों को अब चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा. यह व्यवस्था वर्ष 2025 के अंत तक अलग-अलग रेल मंडलों में शुरू हो सकती है.

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, हर यात्री को अपनी श्रेणी के अनुसार एक निश्चित वजन तक ही सामान मुफ्त ले जाने की अनुमति होगी. तय सीमा से अधिक सामान लाने पर यात्रियों को अतिरिक्त शुल्क देना होगा. वहीं, यदि कोई यात्री बिना बुकिंग कराए अधिक सामान लेकर यात्रा करता हुआ पाया गया, तो उस पर जुर्माना भी लगाया जा सकता है.

रेलवे द्वारा तय मुफ्त सामान सीमा इस प्रकार है:

सेकंड क्लास : 35 किलो (अधिकतम 70 किलो, अतिरिक्त शुल्क के साथ)

स्लीपर क्लास : 40 किलो (अधिकतम 80 किलो, अतिरिक्त शुल्क के साथ)

एसी 3 टियर / चेयर कार : 40 किलो

एसी 2 टियर / फर्स्ट क्लास : 50 किलो (अधिकतम 100 किलो, अतिरिक्त शुल्क के साथ)

एसी फर्स्ट क्लास : 70 किलो (अधिकतम 150 किलो, अतिरिक्त शुल्क के साथ)

ज्यादा सामान ले जाने के विकल्प

तय सीमा से अधिक सामान यात्री दो तरीकों से ले जा सकते हैं. पहला कोच के भीतर रखे गए अतिरिक्त सामान पर निर्धारित दर से लगभग डेढ़ गुना शुल्क देकर और दूसरा अधिक सामान को ब्रेक वैन में बुक कराकर भेज सकते हैं.  यदि कोई यात्री बिना बुकिंग के तय सीमा से अधिक सामान लेकर यात्रा करता पकड़ा गया, तो उससे सामान शुल्क के अलावा छह गुना तक जुर्माना भी वसूला जा सकता है. 

रेलवे का कहना है कि इस फैसले से कोचों के अंदर रास्ते साफ रहेंगे, यात्रियों को बैठने और चलने में होने वाली परेशानी कम होगी और डिब्बों को गोदाम की तरह इस्तेमाल किए जाने की प्रवृत्ति पर रोक लगेगी.  रेलवे का उद्देश्य यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा दोनों को बेहतर बनाना है.

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