अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा 25 बेसिस प्वाइंट की दर कटौती के एक दिन बाद गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच उतार-चढ़ाव के साथ खुले. शुरुआती बढ़त के बाद बाजार ने दिशा बदली और गिरावट की तरफ रुख कर लिया.
सेंसेक्स हल्की बढ़त के साथ खुला था, लेकिन थोड़ी ही देर में लाल निशान में आ गया और शुरुआती कारोबार में 79 अंकों (0.09%) की गिरावट के साथ 84,312 पर पहुंच गया. वहीं निफ्टी भी शुरुआती लाभ खोकर 8 अंक (0.03%) नीचे फिसलकर 25,750 के स्तर पर आ गया.
विश्लेषकों के अनुसार निफ्टी के लिए 25,600–25,650 का दायरा तत्काल मजबूत समर्थन है, जबकि 25,850–25,900 का क्षेत्र कड़ी प्रतिरोध बना हुआ है, जिसने कई सत्रों से ऊपर की तेजी को रोक रखा है. उनका कहना है कि इस रेजिस्टेंस लेवल के ऊपर निर्णायक ब्रेकआउट तेजी को वापस स्थापित करेगा, जबकि सपोर्ट के नीचे फिसलने पर बाजार में और समेकन (consolidation) देखने को मिल सकता है.
सेंसेक्स पर इंफोसिस, टाटा स्टील, मारुति सुजुकी, अदाणी पोर्ट्स, एचसीएल टेक, एसबीआई, टीसीएस, एलएंडटी और टेक महिंद्रा जैसे शेयरों में 1.1% तक की बढ़त दर्ज की गई. वहीं दूसरी ओर टाइटन, पावर ग्रिड, भारती एयरटेल, एनटीपीसी, एशियन पेंट्स, आईटीसी, रिलायंस इंडस्ट्रीज, बजाज फिनसर्व और आईसीआईसीआई बैंक जैसे दिग्गज शेयरों में हल्की गिरावट रही, जिसने बाजार पर दबाव बनाया.
ब्रॉडर मार्केट में भी कमजोरी देखने को मिली. निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 0.17% टूटा, जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स 0.32% गिरा. सेक्टोरल मोर्चे पर आईटी शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी रही और निफ्टी आईटी इंडेक्स 0.70% चढ़ा. इसके बाद निफ्टी पीएसयू बैंक 0.65%, मेटल 0.40% और ऑटो इंडेक्स 0.12% मजबूत हुआ. FMCG शेयरों पर दबाव बना रहा और निफ्टी FMCG इंडेक्स 0.26% लुढ़क गया.
विशेषज्ञों का कहना है कि घरेलू बाजार अमेरिकी फेड की ताज़ा कटौती के बाद पूंजी प्रवाह और वैश्विक आर्थिक वृद्धि पर उसके प्रभाव को लेकर सतर्कता के साथ कारोबार कर रहा है. विदेशी निवेशकों (FIIs) ने 10 दिसंबर को 1,651 करोड़ रुपये की बिकवाली की, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने 3,752 करोड़ रुपये की खरीदारी कर बाजार को सहारा दिया.
मुद्रा बाजार में भी हल्की कमजोरी देखने को मिली. रुपया शुरुआती कारोबार में 5 पैसे गिरकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 89.99 पर आ गया.


