बिग बॉस 19 के विजेता टीवी स्टार एक्टर गौरव खन्ना बने हैं. चार महीने बिग बॉस के घर में बिताने के बाद उन्हें यह खिताब हासिल हुआ है. वो कहावत है ना ‘धीरे चलने वाले और स्थिर रहने वाले ही रेस जीतते हैं’, विजेता गौरव खन्ना पर यह कहावत बिल्कुल फिट बैठती है, क्योंकि उनके विरोधी और को-कंटेस्टेंट्स ने उन्हें स्लो, असक्रिय और पीठ-पीछे बोलने और गेम खेलने वाला बताया था. यहां तक कि शो की शुरुआत में खुद सलमान खान ने भी उन्हें ‘सुस्त’ तक कह डाला था. सलमान ने कहा था घर के सोफे पर पड़े मत रहो, जिसे हम आम भाषा में कहते हैं ‘पड़े पड़े खटिया मत तोड़ो’ कुछ ऐसा ही लेबल मिल गया था गौरव खन्ना को घर में. बिग बॉस 19 की चार महीने के सफर में गौरव को बहुत कुछ सुनने को मिला, लेकिन गौरव ने इन सभी बातों को अपनी ताकत में बदला और उससे जीत हासिल की.
बिग बॉस के घर में गौरव खन्ना के लिए बहुत नेगेटिव माहौल बना, झगडे़ हुए और आपकी कैपेसिटी पर भी सवाल उठे.
बिग बॉस 19 के घर में खुद के लिए बने नेगेटिव पर माहौल पर गौरव खन्ना कहते हैं, ‘जब लोग मेरी कैपेसिटी पर सवाल उठाना शुरू करते हैं, तो मैं अधिक चार्ज हो जाता हूं, मैं साइडलाइन किए जाने पर और भी ज्यादा सेंटर में आ जाता हूं, सेलिब्रिटी मास्टरशेफ शो के दौरान भी ऐसा हुआ था, यहां भी, लोगों को लगा कि मैं कुकिंग शो के लिए नहीं बना हूं, जब मैंने मास्टरशेफ में एंट्री ली, तो मैं एक ट्रेंड कुक नहीं था, मेरे बनाए खाने को फेंका गया, लेकिन मैंने हर एपिसोड में कड़ी मेहनत की और अपना लेवल अप किया, और जब मैं बिग बॉस 19 के घर में आया तो मुझे लगा कि सबसे बड़ी लड़ाई और राजनीति रसोई से ही शुरू होती है, मैं यह समझ गया था, हलवा, पोहा, सूजी को लेकर झगड़े होते थे, ये सब सात हफ्तों तक घर में पड़ा रहा और किसी की नजर इस पर नहीं पड़ी, क्योंकि जो लोग हंगामा मचाना चाहते थे, वे शो से बाहर हो गए थे’.
टीवी के पॉपुलर शो अनुपमा में गौरव खन्ना का अनुज कपाड़िया का किरदार घर-घर मशहूर है और इसके लिए उनको जनता के प्यार के साथ-साथ इंडियन टेली अवार्ड भी मिला. क्या यही कारण है कि उन्होंने खुद पर कंट्रोल रखा, संयमित होकर खेल खेला, क्या यह इनकी योजना थी या फिर फिर कोई रणनीति?
इस एक्टर कहते हैं, ‘मैं बचपन से ही ऐसा ही रहा हूं, यह हमेशा से मेरा स्वभाव रहा है, ऐसा कोई प्लान नहीं था. असल जिंदगी में मैं ऐसा ही हूं, जो चीजें मैं अपने माता-पिता, अपनी पत्नी के सामने नहीं करना चाहता, मैं उन्हें दूसरों के सामने बिल्कुल नहीं करना चाहूंगा, क्योंकि उस शो को बहुत सारे लोग देखते हैं, यहां तक कि बच्चे और बुज़ुर्ग भी, मैं वो चीजें नहीं करूंगा, जो मैं असल जिंदगी में नहीं करता, बिग बॉस के कई पार्टिसिपेंट्स शो को गलत समझते हैं. वो शो में यह सोचकर आते हैं कि आपको एक खास तरह का व्यवहार करना होगा. आपको एक खास तरह के कपड़े पहनने होंगे. एक खास लहजे में बात करनी होगी, लेकिन यह उस तरह से काम नहीं करता, मेरा मानना है कि आप अपने काम की बदौलत सुपरस्टार बनते हैं और लोकप्रिय होते हैं. लेकिन आप जो इंसान हैं, उसे आप छोड़ नहीं सकते और चार महीने तक आप एक झूठी जिंदगी नहीं जी सकते, जहां आप ढेर सारे गहने और सुंदर कपड़े पहनते रहें. यह एक पर्सनैलिटी शो है, जहां आपको खुद की असली इमेज दिखानी होती है, सबसे जरूरी बात, यह एक दिमागी खेल है, कोई भी स्थिर और मजबूत दिमाग वाला और बिना गुस्साए विनर बन सकता है. बिग बॉस के घर में मेरे कई को-कंटेस्टेंट्स यह बात नहीं समझ पाए कि यह शो एक मैराथन की तरह है, आप शुरुआत में ही बहुत तेज गति से नहीं दौड़ते. यह 15 हफ्तों का शो है, जबकि उन्हें लगा कि यह 15 मिनट का शो है, उनमें से कुछ ने बहुत जल्दबाजी दिखाई और जल्दी ही थक गए और फिर नतीजा यह हुआ कि शो से बाहर हो गए, यहीं पर उनका मन भटक गया’.
एक्टर ने आगे बताया, ‘शोर से ज्यादा आपको चुप रहने और समझने की जरूरत होती है, लेकिन बिग बॉस में कई लोग सिर्फ शोर मचाने ही आते हैं, उन्हें खुशी होती है कि उन्होंने इतना हल्ला काटा कि वीकेंड का वार में उनकी चर्चा हो रही है, मैं वीकेंड के वार में जब मुझपर बात नहीं होती थी तो मैं खुश हो जाता था, क्योंकि अगर मैं कुछ गलत कर रहा होता था, तो सलमान मुझे टोक देते थे, उन्होंने मुझे तीन-चार बार कहा भी और मैं समझ गया कि उनका क्या मतलब है, इसलिए मैंने अपने काम में थोड़ा बदलाव किया. मैंने गेम को समझा मैं जिंदगी को भी इसी तरह देखता हूं, मैं चीजों को आराम से लेता हूं; मैं चीजों को धीरे-धीरे लेता हूं, बोलने से पहले मैं सोचता हूं कि मैं ऐसी बातें ना बोलूं, जिनके लिए मुझे बाद में माफी मांगनी पड़े, मैं किसी को नीचा नहीं दिखाना चाहता था, किसी को शर्मिंदा नहीं करना चाहता था या किसी की बुराई नहीं करना चाहता था, यह जीत साबित करती है कि लोग एक अच्छे और सही इंसान को विनर के रूप में देखना चाहते हैं, जो सही मुद्दों पर सही और सम्मानजनक तरीके से बात करता है, जब आप दिल जीत लेते हैं, तो आप शो जीत जाते हैं, यह बहुत आसान है, सलमान ने हमें बताया था कि कोई भी कंटेस्टेंट, जिसने बहुत ज्यादा हंगामा किया हो, शो नहीं जीता है’.
‘जीके क्या करेगा’ (जीके- गौरव खन्ना) शो में कंपीटीटर द्वारा परेशान करने और बार-बार उकसाने, यह बताने के लिए कि खेल कैसे खेलना है, लेकिन जीके ने दिल जीते और शो और ट्रॉफी भी, कैसे?
इस पर गौरव हंसते हुए कहते हैं, ‘यदि आप किसी से जलते हैं, तो वह आपको और नफरत देगा, केवल शब्दों से नहीं, बल्कि अच्छे काम से’. जीत के बाद भी, तान्या मित्तल, फरहाना भट्ट और जीशान कादरी और कुछ को-कंटेस्टेंट्स आपको को एक अयोग्य विनर मानते हैं. इस पर गौरव कहते हैं, ‘खैर, करोड़ों लोगों ने मुझे योग्य माना है, इसलिए मुझे परवाह नहीं है कि एक या दो लोग मेरे बारे में क्या सोचते हैं, मेरा उनसे कोई लेना-देना नहीं है, मैंने उन्हें शो में कभी गंभीरता से नहीं लिया, फिर मैं अब ऐसा क्यों करूंगा?
कई घरवाले आपके खिलाफ क्यों थे और क्या आपको लगा था कि आप शुरू से ही एक मजबूत दावेदार थे?
तो इस पर खन्ना ने जवाब दिया, ‘उन्होंने मेरे खिलाफ साजिश रची और मुझे हर हफ्ते नॉमिनेट किया, उन्होंने मुझे कप्तान नहीं बनने दिया, उन्होंने रणनीति बनाई… मुझे पता था कि यह सब मेरे साथ होगा, लेकिन उनकी समस्या यह थी कि मैंने जिस तरह से जवाब देना चाहा, मैंने उस तरह से रिएक्ट नहीं किया, जब वे चाहते थे या जिस तरह से वे चाहते थे, जब शो शुरू हुआ, तो मुझे एक या दो हफ्तों में एहसास हो गया था कि लोग बेकार की चीजें कर रहे थे, बिना बात के मुद्दों पर लड़ रहे थे, वे उन अंडों पर लड़ते देखे गए जो मैं नहीं खाता… इसलिए उन्हें लड़ने दो, मैं इसमें क्यों पड़ूंगा? मैंने जानबूझकर शुरुआत में रसोई में नहीं गया, मैं छठे या सातवें सप्ताह से किचन में एंट्री ली और उसके बाद मैंने कभी रसोई नहीं छोड़ी.
आपका और आपके को-कंटेस्टेट अमाल मलिक की जोड़ी और केमिस्ट्री काफी दिलचस्प रही, इसमें सम्मान तो दिखा, लेकिन पीठ पीछे चुगली भी की गईं और आपको चालाक भी कहा गया.
गौरव खन्ना ने हंसते हुए कहा, ‘अमाल बहुत टैलेंटड कंपोजर है, मेरे मन में उनके लिए अच्छा आपसी सम्मान है, क्योंकि मैं टैलेंट का सम्मान करता हूं, अब जब यह एक कंट्रोवर्शियल शो है और लोग वे खेल खेलना चाहेंगे जो वे खेलना चाहते हैं, मैं एक अलग खिलाड़ी हूं, मैं मुंह पर बोलता हूं, वास्तव में, जब अमाल घर से बाहर हुआ था, तो जाने से पहले उसने मेरे कंधे पर थपथपाया और कहा कि मैं विजेता हूं, वह एक अच्छा लड़का है, वह दूसरे ग्रुप का हिस्सा था और जब आप एक ग्रुप का हिस्सा होते हैं, तो चीजें होती रहती हैं, उसने जो कहा उसका मतलब नहीं था, जब तक उसने मेरे मुंह पर कुछ नहीं कहा, मुझे इससे कोई फर्क नहीं पड़ता’.
सलमान खान ने आपके खेल’ और व्यवहार को देखते हुए आपको काम करने का ऑफर दिया है, इसे कैसे देखते हैं?
इस पर एक्साइटेड होते हुए एक्टर कहते हैं, ‘जब सलमान ने कहा कि मुझे लगा कि चलो इस पल का पूरा लुत्फ उठाते हैं, ऐसा बार-बार नहीं आता, जब भी वह मुझे बुलाएंगे, मैं जरूर उनके साथ काम करूंगा’. बता दें, बीती 7 दिसंबर को बिग बॉस 19 का ग्रैंड फिनाले हुआ था और गौरव ने फरहाना भट्ट को हराकर ट्रॉफी अपने नाम की थी.


