मुंबई: वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों और विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की लगातार बिकवाली के बीच मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला. शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई. अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीति बैठक से पहले निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया है, क्योंकि यह बैठक ब्याज दरों के भविष्य के अनुमान को लेकर महत्वपूर्ण मानी जा रही है.
बीएसई सेंसेक्स मंगलवार सुबह के कारोबार में 636.22 अंक या 0.75 प्रतिशत की गिरावट के साथ 84,466.47 अंक पर खुला. इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 193.25 अंक या 0.74 प्रतिशत गिरकर 25,767.30 अंक पर रहा. बाजार में आई इस गिरावट का मुख्य कारण वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और विदेशी पूंजी का लगातार बाहर जाना बताया जा रहा है.
सेंसेक्स में शामिल 30 कंपनियों में से अधिकांश के शेयरों में गिरावट रही. एशियन पेंट्स, ट्रेंट, महिंद्रा एंड महिंद्रा, टाटा स्टील, टीसीएस, रिलायंस इंडस्ट्रीज, टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, टेक महिंद्रा, एनटीपीसी, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, इन्फोसिस और अल्ट्राटेक सीमेंट के शेयर घाटे में रहे. वहीं दूसरी ओर भारती एयरटेल और हिंदुस्तान यूनिलीवर के शेयरों में बढ़त देखने को मिली, जिसने बाजार को सीमित सहारा दिया.
एशियाई बाजारों की बात करें तो हांगकांग का हैंग सेंग, दक्षिण कोरिया का कॉस्पी और चीन का एसएसई कम्पोजिट नकारात्मक दायरे में रहे, जबकि जापान का निक्की 225 बढ़त के साथ कारोबार करता दिखाई दिया. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम भी नरम रहे, जहां ब्रेंट क्रूड 0.21 प्रतिशत फिसलकर 62.36 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया.
रुपया शुरुआती कारोबार में 10 पैसे टूटकर 90.15 प्रति डॉलर पर
विदेशी मुद्रा बाजार में भी कमजोरी देखने को मिली. रुपया मंगलवार को शुरुआती कारोबार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 10 पैसे कमजोर होकर 90.15 प्रति डॉलर पर खुला. अमेरिकी डॉलर की मजबूत मांग के चलते रुपये पर दबाव बना रहा. डॉलर सूचकांक भी मामूली गिरावट के साथ 99.04 पर रहा.
शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, एफआईआई ने सोमवार को शुद्ध रूप से 655.59 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 2,542.49 करोड़ रुपये की खरीदारी कर बाजार को कुछ हद तक सहारा दिया.


