Monday, March 23, 2026

सरकार का निर्देश – सभी मोबाइल हैंडसेट में संचार साथी ऐप पहले से लगा हो

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इस ऐप की मदद से आप अपने खोए हुए फोन को ट्रैक कर सकते हैं.

नई दिल्ली : दूरसंचार विभाग ने सभी मोबाइल हैंडसेट विनिर्माताओं और आयातकों को यह आदेश दिया है कि उनके हैंडसेट में पहले से संचार साथी ऐप डाउनलोड हो. इस ऐप से धोखाधड़ी की सूचना दी जा सकती है.

डीओटी ने कहा कि अगले तीन महीने के भीतर सभी नए उपकरणों में धोखाधड़ी की सूचना देने वाला ऐप संचार साथी पहले से लगा हो, इसके लिए कंपनी जो भी कर सकती है, वह इसे सुनिश्चित करे. आपको बता दें कि विभाग ने यह आदेश 28 नवंबर को जारी किया था. तब से 90 दिनों के भीतर इसे लागू कर दिया जाएगा.

आदेश में कहा गया, “केंद्र सरकार भारत में उपयोग में लाए जाने वाले मोबाइल हैंडसेट के प्रत्येक विनिर्माता और आयातक को निर्देश देती है. इन निर्देशों के जारी होने के 90 दिन के भीतर, यह सुनिश्चित करें कि दूरसंचार विभाग द्वारा निर्दिष्ट संचार साथी मोबाइल एप्लिकेशन, भारत में उपयोग के लिए विनिर्मित या आयातित सभी मोबाइल हैंडसेट में पहले से लगा हो.”

ऐसे सभी उपकरणों के लिए जो पहले ही विनिर्मित हो चुके हैं और भारत में बिक्री चरण में हैं, मोबाइल हैंडसेट विनिर्माताओं और आयातकों को सॉफ्टवेयर अद्यतन के माध्यम से ऐप को ‘इंस्टॉल’ कराने के लिए कदम उठाने होंगे.

निर्देश में कहा गया, “भारत में उपयोग में लाए जाने वाले मोबाइल हैंडसेट के सभी विनिर्माता और आयातक इन निर्देशों के जारी होने के 120 दिन के भीतर दूरसंचार विभाग को अनुपालन रिपोर्ट देंगे.”

यह ऐप उपयोगकर्ताओं को अंतरराष्ट्रीय मोबाइल उपकरण पहचान संख्या (आईएमईआई) से संबंधित संदिग्ध दुरुपयोग की रिपोर्ट करने और मोबाइल उपकरणों में उपयोग किए जाने वाले आईएमईआई की प्रामाणिकता सत्यापित करने में सक्षम बनाता है.

मोबाइल फोन के 15 अंक वाला आईएमईआई नंबर सहित दूरसंचार पहचान से जुड़ी चीजों के साथ छेड़छाड़ गैर-जमानती अपराध है और दूरसंचार अधिनियम 2023 के तहत इसके लिए तीन साल तक की कैद, 50 लाख रुपये तक का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं.

दूरसंचार ग्राहक ऐप के माध्यम से धोखाधड़ी वाली कॉल, खोए हुए मोबाइल फोन आदि की भी रिपोर्ट कर सकते हैं. दूरसंचार विभाग ने मोबाइल फोन कंपनियों से यह सुनिश्चित करने को कहा है कि पहले से लगा संचार साथी एप्लिकेशन पहली बार उपयोग या डिवाइस सेटअप के समय अंतिम उपयोगकर्ताओं के लिए आसानी से दिखाई दे और सुलभ हो.

दूरसंचार विभाग के निर्देश में कहा गया है कि यदि कंपनियां नियमों का पालन करने में विफल रहती हैं, तो दूरसंचार अधिनियम 2023, दूरसंचार साइबर सुरक्षा नियम 2024 और अन्य उपयुक्त कानूनों के प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी. वर्तमान में, सभी प्रमुख मोबाइल फोन कंपनियां एप्पल, सैमसंग, गूगल, विवो, शाओमी आदि भारत में अपने हैंडसेट बनाती हैं.

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