हजारीबाग: जिले की बेटियां हर क्षेत्र में अपना परचम लहरा रही हैं. आने वाले दिनों में खेल के क्षेत्र में भी बेटियां मेडल के साथ दिखेंगी. दरअसल, हजारीबाग की कई ऐसी महिला खिलाड़ी हैं, जो खेल के क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहती हैं. वे चाहती हैं कि ओलंपिक में देश का प्रतिनिधित्व करें. इसे लेकर तैयारी भी कर रही हैं. युवा कार्य एवं खेल विभाग, भारत सरकार और भारतीय एथलेटिक्स संघ द्वारा प्रायोजित अस्मिता एथलेटिक्स लीग में यह देखने को भी मिला है.
- केंद्रीय खेल मंत्रालय और एथलेटिक्स फेडरेशन के सहयोग से खेलो इंडिया अस्मिता लीग का आयोजन किया जा रहा है. इसका उद्देश्य महिला एथलीटों को अवसर और पहचान दिलाना है. प्रतियोगिता में 14 और 16 साल से कम आयु की बालिकाएं भाग ले रही हैं. विजेताओं को प्रमाण पत्र और मेडल दिए जा रहे हैं. भारत ने 2036 ओलिंपिक गेम्स की मेजबानी के लिए अहमदाबाद का नाम इंटरनेशनल ओलंपिक कमेटी के सामने पेश किया है. इसे लेकर महिला खिलाड़ी अभी से ही जी-तोड़ मेहनत कर रही हैं.
उनका कहना है कि बेटियां, बेटों से कम नहीं हैं. ओलंपिक में अपना भी प्रतिनिधित्व हो, इसे देखते हुए तैयारी कर रही हैं. अस्मिता लीग के जरिए अपनी तैयारी दिखाने का भी मौका मिल रहा है. आमतौर पर इस तरह की प्रतियोगिता का आयोजन लड़कियों के लिए नहीं होता था, लेकिन केंद्र सरकार ने बेहतर प्रयास किया है जिससे इस तरह का आयोजन हो रहा है.
युवा कार्य एवं खेल विभाग भारत सरकार, साई और भारतीय एथलेटिक्स संघ द्वारा प्रायोजित अस्मिता एथलेटिक्स लीग 2025-26 का आयोजन कर्जन ग्राउंड में किया गया. प्रतियोगिता में अंडर-14 और अंडर-16 बालिका वर्ग की खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया.
हजारीबाग के सुदूरवर्ती इचाक प्रखंड के बरका खुर्द उच्च विद्यालय के सहायक प्राचार्य श्रीकांत मेहता बताते हैं कि सरकार का यह एक बेहतर कदम है. विद्यालय की छात्राओं को अच्छा प्लेटफॉर्म दिया जा रहा है. छात्राएं भी जी तोड़ मेहनत कर रही हैं ताकि देश का प्रतिनिधित्व राष्ट्रीय स्तर और ओलंपिक में कर सके. सहायक प्राचार्य ने राज्य सरकार से मांग की है कि इस तरह का आयोजन नियमित समय अंतराल पर होना चाहिए.
देश के 300 जिलों में आयोजित हो रही है प्रतियोगिता
बता दें कि युवा कार्य एवं खेल विभाग भारत सरकार की ओर से इस तरह का आयोजन देश के 300 जिलों में किया जा रहा है. महिला प्रतिभावान खिलाड़ियों को चिन्हित किया जा रहा है ताकि उनकी प्रतिभा को निखारा जा सके. नि:संदेह आने वाले समय में भारत, खेल के क्षेत्र में भी अपना लोहा पूरे विश्व को मनवाएगा.

एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया और भारत सरकार के साथ सामूहिक एमओयू किया गया है, जिसमें ग्रास रूट के खिलाड़ी को तैयार करने को कहा गया है ताकि उन प्रतिभावान खिलाड़ियों को इंडिया खेल और ओलंपिक के लिए तैयार किया जा सके: सरोज कुमार यादव, कोऑर्डिनेटर, डिस्ट्रिक्ट स्पोर्ट्स


