आजकल के जमाने में अगर इंटरनेट यूज़ करने में थोड़ी सी भी दिक्कत आती है, तो दुनियाभर के तमाम लोगों को काफी परेशानी हो जाती है. यहां तक कि 5-10 मिनट का आउटेज भी दुनियाभर के यूज़र्स को काफी परेशान कर देता है. इस कारण अमेज़न और गूगल ने मिलकर एक ऐसी मल्टीक्लाउड नेटवर्किंग सर्विस लॉन्च की है, जो कंपनियों को तेज औप भरोसेमंद कनेक्टिविटी दे सकेंगे. टेक वर्ल्ड में इसे एक बहुत बड़ा कदम माना जा रहा है, क्योंकि इसमें दुनिया के दो सबसे बड़े क्लाउड प्लेटफॉर्म अब सीधे प्राइवेट हाई स्पीड लिंक से जुड़ पाएंगे. आइए हम आपको इस ख़बर की डिटेल्स बताते हैं.
नया Multicloud Networking सर्विस क्या है?
आजकल इंटरनेट पर थोड़ी सी भी दिक्कत आने पर कितनी बड़ी परेशानियां हो जाती हैं, ये हम सभी जानते हैं. कई बार पांच-दस मिनट की आउटेज भी बड़े ऐप्स को डाउन कर देती है. इसी वजह से Amazon और Google ने मिलकर एक ऐसा Multicloud Networking सर्विस लॉन्च किया है जो कंपनियों को तेज और भरोसेमंद कनेक्टिविटी दे सके. टेक दुनिया में इसे एक बड़ा कदम माना जा रहा है क्योंकि इससे दो सबसे बड़े क्लाउड प्लेटफॉर्म अब सीधे प्राइवेट हाई स्पीड लिंक से जुड़ पाएंगे.
पहले किसी कंपनी को Amazon Web Services और Google Cloud के बीच प्राइवेट नेटवर्क कनेक्शन सेट करने में कई हफ्ते लग जाते थे, लेकिन इस नई सर्विस की मदद से इस काम को कुछ ही मिनटों में किया जा सकेगा. दोनों कंपनियों ने अपने नेटवर्क टेक्नोलॉजी को जोड़कर एक ऐसा सेटअप तैयार किया है जिससे डेटा को एक क्लाउड से दूसरे क्लाउड पर बेहद तेज और सुरक्षित तरीके से भेजा जा सकेगा.
इस सेटअप को तैयार करने के लिए अमेज़न वेब सर्विस यानी AWS ने इसमें इंटरकनेक्ट मल्टीक्लाउड फीचर जोड़ा है. गूगल क्लाउड ने क्रॉस क्लाउड इंटरकनेक्ट को इसमें जोड़ा है. इन दोनों ने मिलकर एक तरह का शेयर्ड हाई स्पीड नेटवर्क तैयार किया है. यह सर्विस खास तौर पर उन कंपनियों के लिए फायदेमंद होगी, जो कई क्लाउड प्लेटफॉर्म एक साथ इस्तेमाल करती हैं या जिनके डेटा वर्कलोड अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर फैले रहते हैं.
इस सेटअप की क्या जरूरत
20 अक्टूबर 2025 को AWS की एक बड़ी आउटेज में दुनिया भर की कई वेबसाइट्स और ऐप्स कुछ समय के लिए बंद पड़ गए थे, जिनमें Snapchat और Reddit भी शामिल थे. Parametrix की रिपोर्ट के मुताबिक इस आउटेज के कारण अमेरिकी कंपनियों को लगभग 500 से 650 मिलियन डॉलर का नुकसान हुआ.
इस तरह की घटनाओं को देखकर पता चलता है कि इंटरनेट पर ट्रैफिक बढ़ने और एआई टेक्नोलॉजी का ट्रेंड लगातार बढ़ने से कंप्यूटिंग की जरूरतें तेजी से बढ़ रही हैं, जिससे मजबूत और फेल ना होने वाला, बिल्कुल सेफ रहने वाले नेटवर्क की जरूरत अब पहले से कहीं ज्यादा है.
इसे कौन इस्तेमाल कर रहा है?
Google Cloud के अनुसार, Salesforce जैसी बड़ी कंपनी इस नई Multicloud Networking सर्विस को सबसे पहले अपनाने वाली यूजर्स में से है. AWS अभी भी दुनिया का सबसे बड़ा क्लाउड सर्विस प्रोवाइडर है और इस साल की तीसरी तिमाही में इसने 33 बिलियन डॉलर की कमाई की है. Google Cloud ने इसी दौरान 15.16 बिलियन डॉलर की कमाई की, यानी दोनों की सर्विस काफी बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होती है और नया नेटवर्क इनके ग्रोथ को और बढ़ा सकता है.
| फायदा | क्या मिलेगा |
| तेज कनेक्शन | क्लाउड के बीच लिंक मिनटों में तैयार |
| ज्यादा भरोसेमंद नेटवर्क | आउटेज का रिस्क कम |
| मल्टीक्लाउड आसान | कंपनियां डेटा और ऐप्स आसानी से शिफ्ट कर सकेंगी |
| हाई स्पीड प्राइवेट लिंक | बेहतर सुरक्षा और परफॉर्मेंस |
AI और इंटरनेट ट्रैफिक की बढ़ती जरूरत
Alphabet, Microsoft और Amazon पहले ही इंटरनेट और AI के लिए अरबों डॉलर की नई इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश कर रहे हैं. AI मॉडल्स चलाने के लिए भारी कंप्यूटिंग पावर चाहिए होती है और यही वजह है कि नेटवर्क को अब और मजबूत करने की जरूरत है. अमेज़न और गूगल की नई मल्टीक्लाउड नेटवर्किंग सर्विस इसी दिशा में एक बड़ा अपडेट मानी जा रही है.


