साहिबगंज: दिल्ली से एयरपोर्ट अथॉरिटी की पांच और पूर्णिया से एक कुल मिलाकर छह सदस्यीय टीम बुधवार को सदर प्रखंड अंतर्गत भिट्ठा और दियारा पंचायत पहुंची. इस दौरान टीम ने जिला प्रशासन व राज्य सरकार द्वारा प्रस्तावित एयरपोर्ट की जमीन का मुआयना किया. टीम ने सर्वप्रथम दोनों पंचायत मिलाकर 494 एकड़ जमीन पर हवाई अड्डा बनने वाले जमीन का अवलोकन किया.
जमीन की भौगोलिक जानकारी टीम ने जिला अपर समाहर्ता गौतम भगत व सदर सीओ बासुकीनाथ टुडू से ली. टीम ने जमीन की हर चौहद्दी के सेंटर पर पहुंच मैप के माध्यम से जानकारी ली. इस दौरान कुछ प्रमुख चीजों को अपने मोबाइल में कैद किया. ड्रोन कैमरा से पूरे क्षेत्र का वीडियो बनाया. टीम ने मौजूद पदाधिकारी से उक्त जमीन से गंगा, फोर लेन, पहाड़ की दूरी, बिजली टावर का स्थिति को जाना और बाढ़ की स्थिति से अवगत हुए.
एयरपोर्ट अथॉरिटी टीम दोपहर 12 बजे साहिबगंज पहुंची और आधा घंटा तक जमीन का जायजा लेकर वापस चली गई. उन्होंने जिला टीम को केएमएल मैप तैयार करने को कहा, ताकि गूगल पर प्रस्तावित जमीन दिख सके. जायजा लेने से पूर्व एयरपोर्ट अथॉरिटी की टीम ने जिला प्रशासन के साथ बैठक कर आवश्यक जानकारी ली. निरीक्षण कर लौटने के बाद भी जिला प्रशासन से मिलकर मंथन किया, ताकि रिपोर्ट आगे बढ़ाई जा सके.
गौरतलब है कि एयरपोर्ट के लिए करीब 500 एकड़ जमीन चाहिए. रिकार्ड के मुताबिक 494 एकड़ में 50.68 एकड़ जमीन सरकारी है और 443.33 एकड़ जमीन रैयत की है. टीम की रिपोर्ट पर ही एयरपोर्ट का भविष्य निर्भर करेगा. टीम का नेतृत्व गिरिराज शर्मा के साथ मेघा रोहिल्ला, नवीन जाकुला, सुनील कुमार, संजीव सरकार और मोहित गुप्ता शामिल थे. टीम में शामिल संजीव कुमार पूर्णिया एयरपोर्ट पर कार्यरत हैं, जबकि शेष दिल्ली से आए थे.
ग्रामीणों ने किया विरोध
सदर प्रखंड में प्रस्तावित एयरपोर्ट के लिए करीब 500 एकड़ जमीन चाहिए. जिसमें 443.33 एकड़ जमीन रैयत की है. ऐसी स्थिति में डिहारी गांव व आस पास के रहने वाले ग्रामीणों का कहना है कि विकास के बाधक नहीं हैं, लेकिन यदि हमारी उपजाऊ जमीन एयरपोर्ट में चली गई तो हम लोग भूखे मर जाएंगे. लोगों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि पहले फोर लेन सड़क निर्माण के लिए हम लोगों का घर टूट गया. मुआवजा भी ठीक से नहीं मिला. अब उत्तर दिशा से हमारी उपजाऊ जमीन भी सरकार हड़पने की फिराक में है.
टीम दिल्ली से आयी है, जमीन की भौगोलिक जानकारी अभी हासिल करेगी, टीम के ऊपर निर्भर करेगा कि एयरपोर्ट बनेगा या नहीं: हेमंत सती, उपायुक्त
किसानों ने कहा कि हमलोग पैसे लेकर क्या करेंगे, जब जमीन ही नहीं बचेगी. हर घर में नौकरी नहीं है. लेकिन खेती बाड़ी करके हम किसान मजदूर अपने बच्चों का भरण पोषण करते हैं. हालांकि ग्रामीण जब तक समझ पाते तब तक टीम निकल गई. ग्रामीणों की बातचीत टीम से नहीं हो सकी. इधर ग्रामीण इस बार आंदोलन के मूड में हैं. दियारा क्षेत्र व ग्रामीण क्षेत्रों में अलग-अलग ग्रामीण एकजुट होकर विरोध कर रहे हैं. ग्रामीणों ने प्रस्तावित एयरपोर्ट निर्माण का विरोध किया. सभी ने कहा कि इस बार पुरजोर तरीके से विरोध किया जाएगा. हम लोग इस बार अपनी रोजी रोटी के लिए लड़ेंगे.



