प्राचीन काल से ही भारतीय शास्त्रों में पेड़ों का अपना विशेष महत्व होने के साथ ही उन्हें अलग दर्जा दिया गया है. इनमें कुछ पेड़-पौधों को पूजनीय माना जाता है तो कुछ को अशुभ. हालांकि पेड़-पौधों से घर में सौभाग्य और पॉजिटिव ऊर्जा आती है, लेकिन कुछ ऐसे भी पेड़ होते हैं जिनकी छाया भी घर पड़ना काफी अशुभ माना जाता है.
पुराणों के अलावा वास्तु शास्त्र में इस बारे में बताया गया है कि कुछ वृक्षों या पेड़ों की ऊर्जा इतनी प्रबल या तेज होती है कि उसकी छाया घर पर सीधे पड़ने पर गृहस्वामी से लेकर पूरे परिवार के लिए लिए धन हानि, मानसिक तनाव और बाधाओं का कारण बन सकती है.
ज्योतिषाचार्य अनिल द्विवेदी से जानते हैं ऐसे ही कुछ पेड़ों के बारे में, जिनको घर ही नहीं बल्कि घर के ठीक बाहर या सामने भी नहीं लगाना चाहिए. मान्यता यह भी है कि इन पेड़ों से निगेटिव ऊर्जा का संचार होता है और इसकी छाया भी घर पर पड़ना शुभकारी नहीं होता है.
पीपल का पेड़- हिंदू धर्म में कई वृक्षों और पौधों को पवित्र और उनकी पूजा की जाती है. इन्हीं में पीपल भी शामिल है, जिसे धार्मिक दृष्टि से पवित्र पेड़ माना गया है. शास्त्रों के मुताबिक, पीपल में देवताओं का वास होता है. लेकिन इसी के साथ पीपल पेड़ में पितरों का भी वास बताया गया है. शास्त्रों का कहना है कि पीपल के पेड़ की छाया भी घर पर पड़ना शुभ नहीं होता है. इसकी ऊर्जा भले ही आध्यात्मिक होती है, लेकिन यह घर के भौतिक सुखों और पारिवारिक जीवन के संतुलन को प्रभावित करता है. इस वजह से पीपल के पेड़ को मंदिर, खुले स्थानों या चौराहे पर ही लगाना शुभ माना जाता है. इसलिए इस बात का विशेष ध्यान रखें कि, घर के आस-पास यह पेड़ नहीं हो.
इमली का पेड़- इमली के पेड़ की छाया को भी शास्त्रों में भारी छाया के रूप जाना जाता है. इसलिए बुजुर्ग भी दिन ढलने के बाद इमली पेड़ के पास जाने या इमली के पेड़ के नीचे बैठने से मना करते हैं. माना जाता है कि, जिस घर में इस पेड़ की छाया पड़ती है या इमली का पेड़ लगा होता है वहां आलस, मानसिक तनाव और रोग बढ़ता है.
बेल का पेड़- धार्मिक महत्व से बेल का पेड़, फल, पत्ते सभी को बहुत पवित्र माना गया है. विशेषकर यह पेड़ भगवान शिव को काफी प्रिय है. बावजूद बेल का पेड़ कांटेदार भी होता है. वास्तु के मुताबिक घर पर कांटेदार पेड़ को लगाना शुभ नहीं माना जाता है. साथ ही बेल का विशाल पेड़ घर के बहुत निकट होना भी शुभ या अच्छा नहीं माना जाता है. इसकी प्रमुख वजह बेल की छाया में उग्र ऊर्जा का होना है, जो घर के शांत माहौल को प्रभावित कर सकती है. इस कारण इसे खुले स्थान या मंदिरों में लगाना सबसे अधिक शुभ माना गया है.
क्या करें यदि घर या घर के आस-पास हों ये पेड़
पीपल, बेल, इमली के अलावा ही मदार, खजूर, मेहंदी, बेर और दूधिया या कांटेदार पेड़ भी घर के लिए शुभ नहीं माने जाते हैं. फलस्वरूप यदि ये पेड़ पहले से ही घर या घर के आस पास लगे हों तो क्या करना चाहिए? आइए जानते हैं-
सूर्यास्त के समय घर के मुख्य द्वार पर दीपक को जरूर जलाएं. सप्ताह में एक बार घर पर गंगाजल का छिड़काव करें. इससे निगेटिव ऊर्जा दूर होती है. अपने घर के आंगन में तुलसी लगाएं. इससे आसपास के किसी भी निगेटिव पेड़ का प्रभाव खुद ही घटता है. संभव हो तो पेड़ की शाखाओं की इस तरह से कटाई करें कि, उसकी छाया सीधे घर पर नहीं पड़े.


