रांची: राजधानी रांची में पब्लिक टॉयलेट की गंदगी और खराब रख-रखाव को लेकर लगातार शिकायतें मिलती रही हैं. पानी की कमी, टूटी फिटिंग, दुर्गंध और नियमित सफाई न होने से शहरवासी परेशान होते रहे हैं. अब रांची नगर निगम इस समस्या को आधुनिक तकनीक की मदद से खत्म करने की तैयारी में है. निगम जल्द ही शहर में पे-एंड-यूज स्मार्ट टॉयलेट सिस्टम शुरू करने जा रहा है. जिसमें सिक्का डालते ही टॉयलेट का दरवाजा अपने-आप खुल जाएगा और हर उपयोग के बाद ऑटो-फ्लश सिस्टम टॉयलेट को साफ कर देगा.
नगर निगम के अधिकारी बताते हैं कि राजधानी में प्रतिदिन हजारों लोग आते-जाते हैं और साफ-सुथरे पब्लिक टॉयलेट की जरूरत लगातार महसूस की जाती है. स्मार्ट टॉयलेट इसी जरूरत को ध्यान में रखकर तैयार किया गया मॉडल है, जो साफ-सफाई को सुनिश्चित करेगा और गलत उपयोग को भी रोकेगा. मशीन में सिक्का डालने के बाद ही दरवाजा अनलॉक होगा. जिससे उपयोग नियंत्रित रहेगा और टॉयलेट हमेशा साफ-सुथरा अवस्था में मिलता रहेगा.
इस योजना के तहत धुर्वा में सबसे पहले एक स्मार्ट टॉयलेट लगाया जाएगा. कुछ हफ्तों तक इसका ट्रायल चलाया जाएगा. जिसमें मशीन की क्षमता, पानी की व्यवस्था, ऑटो-फ्लश के कामकाज और लोगों की प्रतिक्रिया का विशेष रूप से मूल्यांकन होगा. अगर टॉयलेट मॉडल सफल होता है तो निगम पूरे शहर में ऐसे टॉयलेट लगाने की योजना पर आगे बढ़ेगा. इसके लिए मुख्य बाजारों, पार्कों, बस स्टैंडों और व्यस्त सड़कों के किनारे स्थानों की पहचान शुरू कर दी गई है.
रांची नगर निगम के अधिकारी गौतम कुमार साहू ने बताया कि इस पूरे प्रोजेक्ट का खाका तैयार कर लिया गया है और लगातार मंथन जारी है. उन्होंने कहा कि शहर को सुंदर, स्वच्छ और स्मार्ट बनाने की दिशा में कई पहल की जा रही है और स्मार्ट टॉयलेट उसी कड़ी का अहम हिस्सा है.
स्मार्ट टॉयलेट की एक और खास बात यह होगी कि यदि किसी दिन पानी की कमी हो जाए तो सिक्का डालने के बावजूद दरवाजा नहीं खुलेगा. यह नियम टॉयलेट में गंदगी और दुर्गंध की समस्या को काफी हद तक रोकने में मदद करेगा. इसके साथ-साथ नगर निगम अब शहर में जागरूकता अभियान भी चलाएगा, ताकि लोग सार्वजनिक सुविधाओं को जिम्मेदारी से उपयोग करें.
गौरतलब है कि रांची रेलवे स्टेशन पर पहले से ही ऐसा ऑटो-फ्लश सिस्टम काम कर रहा है, जो हर उपयोग के बाद खुद को साफ कर लेता है. अब नगर निगम इसी मॉडल को पूरे शहर में लागू कर स्मार्ट, स्वच्छ और बेहतर रांची बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है.


