जामताड़ा: हाल ही में राज्य सरकार ने झारखंड स्थापना दिवस को बड़े ही धूमधाम से मनाया है. जिसमें सरकार ने अपनी उपलब्धियों को बखूबी जनता के समक्ष रखा लेकिन आज भी झारखंड के कुछ क्षेत्र ऐसे हैं, जहां बुनियादी सुविधा पहुंच नहीं पाई है. ऐसा ही एक मामला आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र पहरुडीह गांव का है. यहां झारखंड बनने के 25 साल बाद भी सड़क नहीं बन पाई है. जिससे ग्रामीणों को पगडंडियों के रास्ते आना जाना पड़ता है.
दरअसल, जामताड़ा जिले में आदिवासियों की आबादी अच्छी खासी है. जिला मुख्यालय से सटे नारायणपुर प्रखंड अंतर्गत पड़ने वाला आदिवासी गांव पहरुडीह, चारों ओर से पहाड़ और खेत बहियार से घिरा हुआ है. जिसकी वजह से गांव, मुख्य सड़क से जुड़ नहीं पाया है. इसके साथ ही गांव में चार पहिया वाहन के साथ साथ एंबुलेंस और दूसरे वाहन के आने का भी कोई रास्ता नहीं है. लोग आने और जाने के लिए पगडंडियों का सहारा लेते हैं.
पहरुडीह गांव में सबसे विकट स्थिति बरसात के मौसम में हो जाती है. बारिश के दिनों में ग्रामीणों को काफी परेशानी उठानी पड़ती है, यहां तक कि पैदल चल रहे ग्रामीण ठीक से चल भी नहीं पाते हैं, क्योंकि रास्ता काफी उबड़ खाबड़ है. इसकी वजह से कच्चे रास्ते पर चलना मुश्किल हो जाता है. ऐसे में कोई बीमार पड़ता है तो उसे ग्रामीण, खटिया पर लादकर अस्पताल ले जाते हैं.
पहरीडीह गांव के ग्रामीण बताते हैं कि गांव में आने जाने के लिए कहीं कोई सड़क और रास्ता नहीं है. ग्रामीणों को पगडंडियों के सहारे ही आना जाना पड़ता है. जिससे काफी परेशानी होती है. बारिश के मौसम में तो निकलना तक मुश्किल हो जाता है.
दरअसल, पहरुडीह गांव राज्य के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी के विधानसभा क्षेत्र में आता है. इरफान अंसारी, जामताड़ा से लगातार दो बार से विधायक हैं. इससे पहले भी उनके पिता इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते रहे हैं, बावजूद इसके पहरुडीह गांव के हालात अब तक नहीं सुधर पाए हैं.
झारखंड के जामताड़ा जिले के पहरुडीह आदिवासी बाहुल्य गांव सरकार के विकास के उपलब्धियां को मुंह चिढ़ा रहा है. अब देखना है कि इस आदिवासी गांव में कब तक सड़क बन पाती है.
ग्रामीणों को लग रहा होगा कि मैं विधायक रहा लेकिन कुछ काम नहीं हुआ है तो निश्चित तौर पर इसमें टेक्निकल कुछ बातें थी, जिसे मैं सार्विजनिक नहीं कर सकता. आप देख सकते हैं कि ये पहाड़ का क्षेत्र है और जंगल भी है. जिसके चलते वन विभाग ने एनओसी नहीं दी थी. कई बार मैं लड़ा. बीजेपी ने 20 साल तक कोई काम नहीं किया यदि काम किया होता तो हमारा आदिवासी पक्की सड़क पर घूम रहा होता लेकिन इन लोगों ने कोई ध्यान नहीं दिया: इरफान अंसारी, स्वास्थ्य मंत्री


