Monday, April 6, 2026

खूंटी में एम्बुलेंस से सामान ढुलाने का मामला सामने आया है.

Share

खूंटी: झारखंड में एम्बुलेंस की कमी एक गंभीर समस्या है. मरीजों को समय पर इलाज मिल सके इसके लिए सरकार ने अस्पतालों के साथ-साथ संस्थाओं को भी एम्बुलेंस उपलब्ध कराई है. इस बीच खूंटी जिले में एम्बुलेंस का मरीजों के बजाय सामान ढुलाने में इस्तेमाल करने का मामला सामने आया है. एम्बुलेंस में लंबे-लंबे बांस लदे थे और धान लोड करने की तैयारी चल रही थी. लेकिन ईटीवी की टीम को देखते ही धान लोडिंग रोक दी गई.

दरअसल, शुक्रवार को तोरपा प्रखंड के चंद्रपुर में कल्याण विभाग द्वारा संचालित गुरुकुल स्कूल में कल्याण मंत्री का एक कार्यक्रम आयोजित था, हालांकि वह नहीं पहुंचे. तोरपा विधायक सुदीप गुड़िया ने आयोजित कार्यक्रम में युवाओं को नौकरी के लिए नियुक्ति पत्र सौंपा. उसी स्कूल से लगभग आधा किमी पहले एक खेत में सुबह से एक एम्बुलेंस खड़ी थी. पुलिस ने इसे देखकर आपत्ति भी जताई. कार्यक्रम समाप्ति के बाद ईटीवी भारत की टीम जब खेत पहुंचा तो देखा कि एम्बुलेंस में बांस लदा था. इस दौरान पूछताछ करने पर पता चला कि एम्बुलेंस में धान लोडिंग करने की तैयारी चल रही थी.

जांच होने के बाद होगी कार्रवाई:- सिविल सर्जन

एम्बुलेंस ड्राइवर ने बताया कि स्कूल सिस्टर ने उसे यह काम करने को कहा था. उन्होंने बताया कि यह एम्बुलेंस उर्सुलाइन कॉन्वेंट स्कूल के यूसी हेल्थ सेंटर का है, जिसमें झारखंड सरकार के सौजन्य लिखा हुआ है. वहीं, सिविल सर्जन डॉ नागेश्वर मांझी ने बताया कि यह एम्बुलेंस खेत में कैसे पहुंची, इसकी जांच होगी. मरीज के अलावा एम्बुलेंस से किसी भी तरह का कोई सामग्री ढुलाई करना अपराध है. अगर ऐसा हुआ है तो इसकी जांच कराई जाएगी और संबंधित संस्था को मिले एम्बुलेंस को सील कर दिया जाएगा.

Read more

Local News