Wednesday, March 25, 2026

रांची के मांडर में उद्यानिकी प्रशिक्षण कार्यशाला सह उपादान वितरण कार्यक्रम में कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की शामिल हुईं.

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रांची: उद्यान निदेशालय झारखंड के द्वारा आज 21 नवंबर को रांची के मांडर प्रखंड के बिसहा खटंगा पंचायत और बेड़ो के नेहालू पंचायत में उद्यानिकी प्रशिक्षण कार्यशाला सह उपादान वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया.

इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राज्य की कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की भी शामिल हुईं. ग्रामीण महिलाओं को मशरूम उत्पादन का प्रशिक्षण के साथ-साथ ग्रामीणों को मधुमक्खी पालन का प्रशिक्षण पायी महिलाओं को प्रमाण पत्र के साथ-साथ मशरूम उत्पादन का 30 बैग उपलब्ध भी उद्यान निदेशालय की ओर से उपलब्ध कराया गया.

Agriculture Minister Shilpi Neha Tirkey participated in Horticulture Training Workshop cum Input Distribution Programme at Mandar in Ranchi

वहीं मधुमक्खी पालन का प्रशिक्षण लेने वाले ग्रामीणों को मधुमक्खी पालन किट का वितरण किया गया. इस कार्यक्रम में प्राकृतिक खेती को लेकर प्रगतिशील महिला किसानों को विशेष रूप से विभाग ने चिन्हित किया. जिन्हें आनेवाले दिनों में प्रशिक्षित किया जाएगा.

इस कार्यक्रम में शामिल हुईं कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि अपने गांव, अपनी जमीन और अपने परिवार के बीच रोजगार उपलब्ध हो, तो पलायन करने की जरूरत नहीं होगी और यह सबसे ज्यादा सुखद होता है. उन्होंने कहा कि मशरूम उत्पादन या मधुमक्खी पालन विभाग के इसी सोच का हिस्सा है कि लोगों को पलायन भी न करना पड़े और उनके आर्थिक स्थिति भी सुदृढ़ हो.

Agriculture Minister Shilpi Neha Tirkey participated in Horticulture Training Workshop cum Input Distribution Programme at Mandar in Ranchi

मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि आज मशरूम उत्पादन में हजारीबाग जिले की महिलाओं की चर्चा हर तरफ हो रही है, आने वाले समय में उनके विधानसभा क्षेत्र “मांडर” की महिलाएं भी मशरूम का उत्पादन कर नाम कमाएं और स्वाबलंबी बनें, यह उनकी इच्छा है. आज परंपरागत कृषि और पशुपालन के साथ साथ प्रगतिशील सोच रखकर लाखों रुपए की आमदनी की जा सकती है.

  • उन्होंने कहा कि “बिसहा खटंगा” पंचायत की पहचान आने वाले समय में मशरूम उत्पादन के लिए हो, इसके लिए काम करना है. महिलाओं को अपनी इच्छा शक्ति दिखानी होगी. पहले योजनाओं को राज्य भर में बांट दिया जाता था, अब कलस्टर बनाकर योजनाओं को धरातल पर उतारा जा रहा है.
  • झारखंड के जंगल-पहाड़ और प्राकृतिक खूबसूरती मधुमक्खी पालन के लिए अनुकूल है. इसलिए विभाग मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देने में जुटा है. उन्होंने अधिकारियों को मशरूम उत्पादन के क्षेत्र में बेहतर काम करने वाली महिलाओं को एक्सपोजर और ट्रेनिंग दिलाने के निर्देश दिए.
  • कृषि मंत्री ने महिलाओं से अपील करते हुए कहा कि कड़ी मेहनत और इच्छा शक्ति के दम पर महिलाएं अपना सुनहरा भविष्य गढ़ सकती हैं. ये संभव है कि सफल होने की राह में कभी गिरना पड़े तो फिर गिरकर उठने का जज्बा भी खुद में रखना होगा क्योंकि अंत में जीत उसी की होती है जो बगैर थके-बगैर रुके अपने लक्ष्य की तरफ बढ़ता है.

आज के कार्यक्रम में संयुक्त कृषि निदेशक शशि भूषण अग्रवाल, बीडीओ चंचला कुमारी, जिला उद्यान पदाधिकारी महेश राम, रमाशंकर, कांग्रेस प्रखंड अध्यक्ष मांगा उरांव, जमील मल्लिक, रविन्द्र नाथ, मुखिया स्नेहा एक्का, बेरनादत्ता, मुखिया बीरेंद्र भगत सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल रहे.

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