Tuesday, April 7, 2026

पूर्व डीजीपी अनुराग गुप्ता पर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कई गंभीर आरोप लगाए हैं.

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रांचीः भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सह नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने आज एक बार फिर पूर्व डीजीपी अनुराग गुप्ता को लेकर हेमंत सरकार पर निशाना साधा है. बीजेपी प्रदेश कार्यालय में मीडिया से बात करते हुए बाबूलाल मरांडी ने कहा कि पूर्व आईपीएस अधिकारी अनुराग गुप्ता को 2 वर्षों तक निलंबित रखने, फिर उन्हें डीजीपी बनाने, रिटायरमेंट के बाद भी सेवा विस्तार देने और अंत में इस्तीफा लेने के पीछे के रहस्य को राज्य की जनता जानना चाहती है.आखिर इसके पीछे कारण क्या है?

उन्होंने कहा कि आज तक जो बातें सामने आ रही है उसके पीछे अवैध वसूली, तस्करी, अवैध खनन, रंगदारी और भयादोहन है. उन्होंने कहा कि अनुराग गुप्ता ने मुख्यमंत्री के संरक्षण में वसूली के लिए इंस्पेक्टर गणेश सिंह, सिपाही रंजीत राणा, बिचौलिया मनोज गुप्ता, हरियाणा के किशन जी जैसे लोगों को कॉन्ट्रैक्ट पर बहाल किया था और ये इतने प्रभावी हो गए हैं कि इन लोगों पर भी आजतक कोई कानूनी कार्रवाई नहीं हुई.

हेमंत सरकार भ्रष्टाचारियों की संरक्षक बनी हुई है-बाबूलाल

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी हेमंत सरकार पर भ्रष्टाचार और भ्रष्टाचारियों को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने शराब घोटाले को लेकर मुख्यमंत्री को पत्र के माध्यम से आगाह किया था, लेकिन मुख्यमंत्री ने जानबूझकर मेरी बातों की अनसुनी की. बाद में सीबीआई छत्तीसगढ़ के बाद झारखंड पहुंच गई और वरिष्ठ आईएएस अधिकारी विनय चौबे की गिरफ्तारी हुई. यहां भी राज्य सरकार ने भ्रष्टाचार को संरक्षण दिया. 90 दिनों तक चार्जशीट दाखिल नहीं कर जमानत का रास्ता प्रशस्त किया. उन्होंने कहा कि आज भी घोटाले से जुड़े कई लोगों की गिरफ्तारी नहीं हुई.

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि हेमंत सरकार भ्रष्टाचार को रोकना नहीं चाहती. यदि ऐसा नहीं होता तो बिहार की तर्ज पर झारखंड में भी कानून बनाते, अवैध संपत्ति जब्त की जाती. उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि अवैध कफ सिरप को बढ़ावा देकर राज्य सरकार ने बच्चों की जान के साथ खिलवाड़ किया. जब गुजरात की टीम कार्रवाई करती है तो डीजीपी ने सीआईडी जांच कराने के बहाने अपराधियों को छोड़ने के लिए टेलीफोन किया.

उन्होंने कहा कि पूर्व डीजीपी के कारनामे एक नहीं अनेक हैं. जब उन्हें सीआईडी, एसआईटी के डीजी से हटाया गया तो वे अपने ऑफिस से रातों रात कागजात हटाते रहे, पेनड्राइव में सेव किया और सीएम को मामला उजागर करने के लिए धमका भी रहे हैं. उन्होंने कहा कि पूर्व डीजीपी का कार्यालय लूट का अड्डा बना हुआ था. आज सूचना मिल रही है कि वे दिल्ली, हरियाणा से मुख्यमंत्री को धमका रहे हैं.

अधिकारियों को दी ये नसीहत

बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य के कुछ अधिकारी आज हेमंत सरकार के टूल किट बने हुए हैं. उन्होंने कहा कि अधिकारियों को कानून के आधार पर जनहित में कार्य करना चाहिए नहीं तो जांच होने पर वे भी कभी मुश्किल में पड़ सकते हैं. बाबूलाल ने कहा कि भस्मासुर को वरदान देना महंगा पड़ता है. अच्छा होगा मुख्यमंत्री उन्हें अपना सलाहकार बना लें, ताकि सुरक्षित रहें.

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