Tuesday, April 7, 2026

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर झारखंड के प्रोडक्ट की मांग बड़ी है.

Share

रांचीः झारखंड में निर्मित कपड़ों की मांग अंतरराष्ट्रीय जगत में तेजी से बढ़ रही है. कपड़ों की गुणवत्ता और कारीगरी ने देश दुनिया में यहां का टेक्सटाइल अपनी पहचान बनाने में कारगर साबित हो रहा है. कुछ ऐसा ही इन दिनों दुबई में चल रहे अंतर्राष्ट्रीय अपैरल और टेक्सटाइल फेयर यानी आईएटीएफ 2025 में देखने को मिल रहा है.

झारखंड ने दुबई आईएटीएफ 2025 में एक मजबूत छाप छोड़ी है जहां उसने अपने तेजी से बढ़ते वस्त्र और परिधान को वैश्विक खरीदारी और उद्योग जगत के सामने प्रस्तुत किया है. प्रदेश के उद्योग मंत्री संजय प्रसाद यादव के नेतृत्व में राज्य ने GI-टैग वाले तसर रेशम के भारत के सबसे बड़े उत्पादक के रूप में इस आयोजन में अपनी स्थिति को दर्शाने का काम किया है. इस दौरान दुमका, गोड्डा, साहिबगंज और रांची की अपनी समृद्ध हथकरघा परंपराओं का आईएटीएफ में प्रदर्शित किया गया.

  • झारखंड की टिकाऊ तसर और इससे बने कपड़ों के अलावा कारीगर संचालित हथकरघा इस अवसर पर आकर्षण का केन्द्र बना रहा जिसे दुनिया के टेक्सटाइल क्षेत्र से जुड़े लोगों ने सराहा. इस मौके पर झारक्राफ्ट के द्वारा किए जा रहे कार्यों को भी प्रस्तुत किया गया. इस मौके पर झारक्राफ्ट के कौशल विकास और आधुनिक उत्पादन सुविधाओं के माध्यम से एक लाख से अधिक महिलाओं और जनजातीय कारीगरों को मिले प्रोत्साहन को भी बताने का काम किया गया.

अरविंद स्मार्ट टेक्सटाइल्स, वालैसिया अपैरेल्स, किशोर एक्सपोर्ट्स और ओरिएंट क्राफ्ट जैसे निवेशों से झारखंड का एकीकृत कपड़ा नेटवर्क जिसमें सिल्क पार्क, बुनाई क्लस्टर, फिनिशिंग इकाइ‌यों और परिधान निर्माण शामिल हैं और मजबूत हुआ है. इस मौके पर दुबई दौरे पर गए उद्योग मंत्री संजय प्रसाद यादव ने आज मंगलवार को झारखंड पैवेलियन का उ‌द्घाटन किया गया.

इस अवसर पर झारक्राफ्ट एमडी गरिमा सिंह, जनजातीय कल्याण आयुक्त कुलदीप चौधरी,जेएसएलपीएस के सीईओ अनन्या मित्तल, उद्योग विभाग के संयुक्त सचिव प्रणव कुमार पॉल समेत कई लोग उपस्थित रहे.

Jharkhand made garments Demand increasing internationally at IATF 2025 in Dubai

Read more

Local News