Thursday, March 26, 2026

उच्च शिक्षा के क्षेत्र में झारखंड सरकार की बड़ी पहल

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रांचीः झारखंड के प्रतिभाशाली आदिवासी विद्यार्थियों के लिए झारखंड सरकार ने एक नई शिक्षा पहल की शुरुआत की है. झारखंड अनुसूचित जनजाति शिक्षण उत्थान कार्यक्रम के तहत अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के विद्यार्थियों को इंजीनियरिंग (JEE) और मेडिकल (NEET) परीक्षाओं की तैयारी के लिए निःशुल्क आवासीय कोचिंग सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी.

  • इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन मेधावी विद्यार्थियों को उच्चस्तरीय शिक्षा संसाधन उपलब्ध कराना है. जिससे वे डॉक्टर और इंजीनियर बनने के अपने सपनों को साकार कर सकें. इस योजना के तहत कुल 300 विद्यार्थियों को रांची के हिंदपीढ़ी स्थित मल्टीपर्पस हॉल-कम-ट्रेनिंग सेंटर में रहकर कोचिंग की सुविधा दी जाएगी.
  • इस कार्यक्रम का संचालन कोटा की प्रतिष्ठित संस्था मोशन एजुकेशन के सहयोग से किया जाएगा. जिसे झारखंड सरकार ने चयनित किया है. योजना के तहत छात्रों को विशेषज्ञ शिक्षकों द्वारा उच्चस्तरीय प्रशिक्षण, आधुनिक अध्ययन सामग्री, ई-कॉन्टेंट से युक्त टैबलेट, पुस्तकालय सुविधा और अलग-अलग छात्रावास में आवास की पूरी व्यवस्था की गई है.
  • इस योजना के लिए आवेदन की प्रक्रिया सरल रखी गई है. इच्छुक विद्यार्थी www.jharkhandshikshanutthan.com इस वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन माध्यम से आवेदन कर सकते हैं. वहीं, ऑफलाइन आवेदन फॉर्म जिला कल्याण कार्यालय या ITDA कार्यालय से प्राप्त किया जा सकता है. आवेदन के साथ जाति प्रमाणपत्र, अंकतालिका, आधार कार्ड और पासपोर्ट आकार का फोटो संलग्न करना अनिवार्य है. इसके लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 19 नवंबर 2025 शाम 5 बजे तक निर्धारित की गई है. चयनित विद्यार्थियों को पोर्टल या विभागीय सूचना माध्यम से कोचिंग आरंभ तिथि और रिपोर्टिंग से संबंधित जानकारी दी जाएगी.

पात्रता के लिए आवेदक झारखंड के स्थायी निवासी होने चाहिए और अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग से संबंधित होने चाहिए. साथ ही, जिन विद्यार्थियों के माता-पिता नियमित सरकारी सेवा में हैं या जो किसी अन्य सरकारी योजना के अंतर्गत कोचिंग प्राप्त कर रहे हैं, वे इस योजना के लिए पात्र नहीं होंगे.

झारखंड सरकार की यह पहल न केवल शिक्षा के क्षेत्र में समान अवसर प्रदान करेगी, बल्कि ग्रामीण और आदिवासी अंचलों से आने वाले युवाओं को राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित भी करेगी. -मंजूनाथ भजंत्री, डीसी, रांची.

झारखंड सरकार का कहना है कि यह कार्यक्रम राज्य के आदिवासी समुदाय के युवाओं को प्रतिस्पर्धात्मक परीक्षाओं में आगे बढ़ाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा. चयन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रखी गई है. विद्यार्थियों का चयन दस्तावेज सत्यापन और मेरिट/स्क्रीनिंग टेस्ट के आधार पर किया जाएगा.

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