अस्पताल में प्रसव के बाद संक्रमण होने से रविवार को एक महिला की मौत हो गई. परिवार ने अस्पताल के डॉक्टरों पर पर गंभीर चिकित्सीय लापरवाही के आरोप लगाए हैं. मृतक महिल की पहचान शिवप्रिया (26) के रूप में हुई है. परिवार का आरोप है कि अस्पताल की लापरवाही के कारण ही उसे संक्रमण हुआ और बाद में उसकी मृत्यु हो गई. श्री अवित्तम तिरुनल (SAT) अस्पताल सरकारी मेडिकल कॉलेज है.
परिजनों के मुताबिक, शिवप्रिया ने 22 अक्टूबर को श्री अवित्तम तिरुनल (SAT) अस्पताल में नॉर्मल डिलीवरी के जरिये बच्चे को जन्म दिया था. 25 अक्टूबर को उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई और वे घर लौट आईं. अगले ही दिन उन्हें बुखार हो गया और उन्हें फिर से अस्पताल ले जाया गया. हालत बिगड़ने पर उन्हें मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशियलिटी विभाग के गहन चिकित्सा कक्ष (आईसीयू) में भर्ती कराया गया, जहां रविवार दोपहर शिवप्रिया की मृत्यु हो गई.
शिवप्रिया के परिवार का आरोप है कि अस्पताल की लापरवाही के कारण संक्रमण हुआ. मेडिकल कॉलेज पुलिस स्टेशन के एसएचओ शफी के अनुसार, महिला के भाई शिवदास ने शिकायत दर्ज कराई है. उन्होंने कहा कि अस्पताल प्रशासन से स्पष्टीकरण मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.
शिवप्रिया के पति मनु ने ईटीवी भारत को बताया कि संक्रमण अस्पताल से ही फैला था. उन्होंने कहा, “शिवप्रिया को प्रसव के लिए भर्ती कराया गया था, तब उन्हें कोई स्वास्थ्य समस्या नहीं थी. घर लौटने के बाद, उन्हें बुखार हो गया. जब हम उन्हें वापस लाए, तो उन्हें आईसीयू में भर्ती कराया गया. संक्रमण अस्पताल से ही आया था. उनकी हालत दिन-ब-दिन बिगड़ती जा रही थी. जिस बैक्टीरिया के कारण संक्रमण हुआ, वह केवल अस्पताल के वातावरण से ही फैल सकता है, और मेरे पास इसकी पुष्टि करने वाली लैब रिपोर्ट है.”
अस्पताल के सामने परिजनों का धरना
इस बीच, परिजनों, स्थानीय लोगों और भाजपा कार्यकर्ताओं ने विस्तृत जांच की मांग को लेकर अस्पताल के सामने धरना दिया. परिवार ने जांच की आधिकारिक घोषणा होने तक शव लेने से इनकार कर दिया है. केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने इस घटना पर एक आपातकालीन बैठक बुलाई है.
यह मामला हाल ही में तिरुवनंतपुरम मेडिकल कॉलेज अस्पताल में कथित तौर पर उचित इलाज के अभाव में एक मरीज वेणु की मौत के बाद आया है. उस घटना को लेकर राज्य के स्वास्थ्य विभाग की काफी आलोचना हुई थी. अपनी मृत्यु से पहले, वेणु ने अस्पताल के बिस्तर से अपने एक दोस्त को एक वॉइस मैसेज भेजा था, जिसमें उन्होंने बताया था कि उन्हें पर्याप्त चिकित्सा सुविधा नहीं मिल रही है. इस खुलासे से जनता में आक्रोश फैल गया और सरकार को जांच के आदेश देने पड़े थे.


