Wednesday, January 28, 2026

Jemimah Rodrigues ने मैच प्रजेंटेशन के दौरान भावुक होते हुए खुलकर बात की है, उन्होंने अपने निजी जीवन से जुड़े कई राज खोले हैं.

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मुंबई की बेटी और भारतीय क्रिकेट टीम की शान जेमिमा रोड्रिग्स ने भारत को सेमीफाइनल में जीत दिलाने के लिए 127 रनों की नाबाद पारी खेली. उन्होंने 7 बार की वर्ल्ड चैंपियन ऑस्ट्रेलिया को हराकर सेमीफाइनल से ही बाहर कर दिया. इसके साथ ही वर्ल्ड कप में लगातार 15 जीत का सिलसिला भी ऑस्ट्रेलिया का टूट गया.

17 वर्ष की उम्र में डेब्यू करने वाली जेमिमा रोड्रिग्स प्लेयर ऑफ द मैच का अवार्ड पाने के दौरान खुलकर बात की है. वो मैच जीतने के बाद रोती हुई नजर आईं और अपनी भावनाओं पर काबू नहीं कर पाईं. इसके बाद उन्होंने अपनी मानसिक स्थिति के बारे में भी बात की और बताया कि उन्होंने शतक और अर्धशतक का जश्न क्यों नहीं मनाया.

जेमिमा रोड्रिग्स ने खुलकर की दिल की बात
जेमिमा रोड्रिग्स ने कहा, ‘सबसे पहले मैं भगवान को धन्यवाद कहना चाहूंगी. मैं उनके बगैर ये नहीं कर पाती. मैं जानती हूं कि मुझे यहां तक वही लाए. मैं अपने माता-पिता, कोच और हर उस इंसान का धन्यवाद करना चाहूंगी, जिसने मुझ पर इस दौरान भरोसा जताया. ये पूरा महीना काफी मुश्किल था. मुझे ये किसी सपने की तरह लग रहा है जो अभी खत्म नहीं हो रहा’.

उन्होंने आगे कहा, ‘मैं तीन नंबर पर बल्लेबाजी नहीं करने वाली थी. मैं सवार ले रही थी उसके बाद मुझे बताया गया कि आपको नंबर तीन पर जाना है. मुझे क्रीज पर आने से 5 मिनट पहले पता चला की मुझे नंबर तीन पर बल्लेबाजी करनी है. ये मेरे लिए खुद को साबित करने के लिए नहीं था बल्कि इंडिया के लिए मैच जीतने के लिए था. हम हमेशा अहम पल पर हार जाते हैं लेकिन आज मुझे मैच को लास्ट ले जाना था.

जेमिमा ने आगे कहा, ‘मैं 2022 में वर्ल्ड कप से ड्रॉप कर दी गई थी. इस साल मैंने सोचा कि मैं अच्छे फॉर्म में हूं और इसे आगे ले जाऊंगी. लगातार चीजें खराब होती रहीं और मैं उनको कंट्रोल नहीं कर पाई. मेरे पास अच्छे लोग हैं, जो हर रोज मेरा साथ देते हैं. मैं इस टूर के दौरान लगभग हर दिन रोती हूं. मैं मानसिक तौर पर ठीक नहीं हूं. मेरे अंदर काफी एंजाइटी है. उसके बाद मुझे ड्रॉप कर दिया गया. ये मेरे लिए चैलेंजिंग था. भगवान ने सब ठीक कर दिया’.

जेमिमा ने कहा, ‘आज का दिन मेरा अर्धशतक और शतक के बारे में नहीं था, बल्कि टीम इंडिया को जीत दिलाने के बारे में था. मैं हर उस शख्स का धन्यावाद देना चाहूंगी, जिसने हमारा समर्थन किया. जब में थक गई थी तब भी वो मेरा उत्सावर्धन कर रहे थे. वो मेरे हर रन पर तालियां बजा रहे थे. यहां आने और समर्थन करने के लिए सभी का धन्यवाद’.

इस मैच में ऑस्ट्रेलिया ने 338 रन बनाए. ऑस्ट्रेलिया से मिले लक्ष्य को भारत ने 9 बॉल बाकी रहते हुए 5 विकेट के नुकसान पर हासिल कर लिया. जेमिमा ने अपनी 127 रनों की नाबाद पारी में 134 बॉल का सामना किया और 14 चौके लगाए.

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