Wednesday, April 1, 2026

भईया दूज के दिन क्यों होती है यमराज की पूजा

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भाई दूज का त्योहार भाई-बहन के स्नेह और सुरक्षा का प्रतीक है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस दिन किसकी पूजा की जाती है और पूजा का तरीका क्या है? आइए इस आर्टिकल में जानते हैं भाई दूज की पूरी पूजा विधि और धार्मिक महत्व.

 भाई दूज भाई-बहन के अटूट स्नेह और प्यार का खास दिन है. यह त्योहार दीपावली के दो दिन बाद मनाया जाता है. इस दिन बहनें अपने भाई के माथे पर तिलक लगाकर उनकी लंबी उम्र, खुशहाली और समृद्धि की कामना करती हैं. वहीं भाई अपनी तरफ से बहन को गिफ्ट देते हैं.

भाई दूज सरल पूजा विधि

  • घर के मुख्य दरवाजे पर गोधन चौका बनाएं.
  • चौके में गोबर से भाइयों के दुश्मनों का प्रतीक बनाएं, जैसे यम, मेरुदंड, मुसल, सांप या बिच्छू.
  • उसमें नारियल, पान और सुपारी रखें और हल्के डंडे से उसे कूटें.
  • भाई की लंबी उम्र के लिए रुई की माला बनाएं और इसे बनाते समय मौन रहें और शुभकामना करें.
  • माला बन जाने के बाद इसे भाई की कलाई या गले में पहनाएं.
  • पूजा के दौरान भाई के लिए श्राप दें और फिर अपनी जीभ पर कांटा चुभाएं.
  • भाई की लंबी उम्र के लिए दुआ करें और भाई-भौजियों को आशीर्वाद दें, साथ ही गीत गा सकती हैं.
  • भाई को गोधन का प्रसाद खिलाएं.
  • भाई को तिलक लगाने के बाद ही खाना-पीना शुरू करें.
  • भाई को बहन के घर प्रसाद खाने भेजें. घर में दाल, पूरी, खीर और मिठाई बनाएं.
  • भाई से गिफ्ट प्राप्त करें और दें.
  • भाई के सिर पर कपड़ा रखें, और अनामिका उंगली से तिलक और अक्षत लगाएं.
  • भाई को मीठा खिला कर पूजा समाप्त करें, चाहें तो आरती भी उतार सकती हैं.
  • उत्तर-पूर्व दिशा की ओर मुख करके भाई का तिलक करें.

धार्मिक रीति और यमुना स्नान

भाई-बहन इस दिन यमुना नदी में स्नान करें.

भाई की हथेली में चावल, सिंदूर, कद्दू के फूल, पान, सुपारी और मुद्रा रखें और पानी में अर्पित करें.

इस दिन क्यों होती है यमराज की पूजा?

भाई दूज पर यमराज की पूजा इस लिए की जाती है क्योंकि पुराणों के अनुसार यमराज अपनी बहन यमुना से मिलने आए थे. यमुना के सत्कार से खुश होकर उन्होंने आशीर्वाद दिया कि जो भाई-बहन इस दिन यमुना में स्नान करेंगे और एक-दूसरे के घर भोजन करेंगे, उन्हें यमराज का आशीर्वाद मिलेगा. यही कारण है कि यह पर्व भाई-बहन के स्नेह और सुरक्षा का प्रतीक माना जाता है. यमराज की पूजा करने से अकाल मृत्यु का भय दूर होता है और भाई की लंबी उम्र का वरदान मिलता है.

इस दिन किसकी पूजा होती है?

  • गंगा यमुना का पूजन
  • यमी यमराज का पूजन

भाई दूज क्या है?

भाई दूज एक हिन्दू त्योहार है जो भाई-बहन के प्रेम और स्नेह को दर्शाता है. यह दिवाली के दूसरे दिन (कार्तिक शुक्ल द्वितीया) मनाया जाता है. इस दिन बहन अपने भाई की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना करती है.

भाई दूज कैसे मनाया जाता है?

बहन भाई के माथे पर तिलक लगाती हैं.
भाई को मिठाई और उपहार दिए जाते हैं.
घर में छोटा पूजा समारोह किया जाता है.
भाई बहन को सुरक्षा और सहयोग का वचन देता है.

क्या भाई दूज पूरे भारत में समान रूप से मनाया जाता है?

भाई दूज को विभिन्न स्थानों पर अलग-अलग नामों से जाना जाता है:
भाई टीका – नेपाल
भाऊ बीज – महाराष्ट्र
भाई फोंटा – पश्चिम बंगाल

क्या बहन बहन के लिए भाई दूज कर सकती है?

पारंपरिक रूप से भाई दूज भाई-बहन के बीच मनाया जाता है, लेकिन आधुनिक समय में कोई भी भाई या बहन इसे मना सकते हैं.

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