Friday, March 27, 2026

कतरास के लिलोरी मंदिर के समीप नया अंतरराज्यीय बस टर्मिनल स्थापित किया जाएगा

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धनबाद में नए बस टर्मिनल को लेकर लोगों में नाराजगी है. वहीं, जेएलकेएम ने आंदोलन की चेतावनी दी

धनबाद: कतरास के लिलोरी मंदिर के समीप नया अंतरराज्यीय बस टर्मिनल स्थापित किया जाएगा. जिसे लेकर नगर निगम ने कुल 18 एकड़ जमीन का भी चयन कर लिया है. लेकिन इस बस टर्मिनल के निर्माण से पहले ही कोयलांचल में घमासान मचा हुआ है.

बस एसोसिएशन और राजनीतिक पार्टी के साथ ही स्थानीय लोग भी कतरास में बस टर्मिनल स्थापित किए जाने का विरोध कर रहें हैं. फिलहाल धनबाद के बरटांड़ में बस स्टैंड है, जिसकी स्टेशन दूरी महज डेढ़ से दो किलोमीटर है जो बस स्टेशन यात्रियों के लिए काफी सहूलियत भरा है. वहीं, कतरास के लिलोरी मंदिर के समीप स्थापित किए जाने पर बस टर्मिनल की दूरी धनबाद मुख्यालय से करीब 20 से 22 किलोमीटर होगी

बस एसोसिएशन और पार्टी के साथ-साथ लोग भी यही तर्क दे रहें हैं कि दूरी काफी बढ़ जाएगी. विशेषकर रात्रि में लोगों की ज्यादा परेशानी होगी. जिसका विरोध होना स्वाभाविक है. वहीं, विरोध के साथ यह भी मांग उठ रही है कि कतरास के बजाय बरटांड़ बस स्टैंड में ही टर्मिनल का निर्माण कराने की जरूरत है. कतरास में 18 एकड़ जमीन चिन्हित की गई है. जबकि बरटांड़ बस स्टैंड में 22 एकड़ जमीन है.

धनबाद जिला बस ऑनर एसोसिएशन ISBT को कतरास के बजाय धनबाद के पंडुकी या फिर बरटांड बस स्टैंड में ही निर्मित करने की मांग जिला प्रशासन और राज्य सरकार से की है. एसोसिएशन के अध्यक्ष का कहना है कि ISBT को कतरास में निर्मित करने से बस यात्रियों को काफी परेशानी उठानी पड़ेगी. मध्यम वर्गीय लोग ही बसों से यात्रा करते हैं. जिन्हें 20 से 22 किमी दूर तय कर बस सेवा लेनी पड़ेगी. धनबाद में महज 30 से 40 बसे ही इंटर स्टेट चलती हैं. जबकि 120 के करीब बसे लोकल सवारी लेकर चलती हैं. एसोसिएशन ने आंदोलन की भी चेतावनी दी है.

वहीं, झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा, (जेएलकेएम) के नेताओं ने भी बस टर्मिनल को कतरास स्थानांतरित किए जाने के प्रस्ताव का विरोध जताया है. संगठन ने इसे जनता की सुविधा के खिलाफ और अव्यावहारिक निर्णय बताया.

जेएलकेएम के केंदीय प्रवक्त सुशील मंडल ने कहा कि किसी भी शहर में बस टर्मिनल सामान्य रूप से रेलवे स्टेशन से 2 से 3 किलोमीटर की दूरी पर होता है, लेकिन धनबाद में इसे लगभग 20 से 22 किलोमीटर दूर कतरास ले जाने की योजना है, जो यात्रियों के लिए बेहद असुविधाजनक है. उन्होंने कहा कि बाहर से आने वाले छात्र, मजदूर और आम लोग जब धनबाद पहुंचेंगे तो उन्हें शहर में आने के लिए अतिरिक्त 20 किलोमीटर की यात्रा करनी पड़ेगी, जिससे समय और पैसे दोनों की बर्बादी होगी. सुशील मंडल ने कहा कि धनबाद के बरटांड़ बस पड़ाव में लगभग 22 एकड़ जमीन उपलब्ध है, जहां नया टर्मिनल आसानी से बनाया जा सकता है. जबकि कतरास में सिर्फ 11 एकड़ भूमि है, जो अपर्याप्त है.

सुशील मंडल ने कहा कि जिला प्रशासन से मांग की कि बस टर्मिनल धनबाद शहर के भीतर ही बनाया जाए और मौजूदा बस पड़ाव को ही विकसित किया जाए. उन्होंने धनबाद के सांसद और विधायक पर भी सवाल खड़े किए. उन्होंने कहा कि एम्स और एयरपोर्ट छीन गया, लेकिन यहां के जन प्रतिनिधियों में कोई दिलचस्पी नहीं है. अब बस टर्मिनल भी धनबाद शहर से कतरास ले जाया रहा है, फिर भी मौन हैं.

वहीं, सांसद ढुल्लू महतो ने कहा कि बस टर्मिनल की स्थापना राज्य सरकार का काम है, जिन्हें अपनी राजनीति चमकाना है, वह आरोप लगाते हैं. वैसे लोगों को राज्य सरकार के खिलाफ आंदोलन करना चाहिए. उन्होंने कहा कि जिनके खून में गंदगी है वह गंदी राजनीति करते हैं

वहीं, भाजपा धनबाद विधायक राज सिन्हा ने कहा कि जनता विरोध कर रही है. बस टर्मिनल धनबाद शहर में ही रहेगा. उन्होंने कहा कि डीसी आदित्य रंजन से बात हुई है. डीसी बरटांड़ बस स्टैंड का निरीक्षण करेंगे. यहां भी 22 एकड़ जमीन है.

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