नई दिल्ली: इस सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन यानी शुक्रवार को टेलीकॉम कंपनी वोडाफोन आइडिया के शेयरों में 10 प्रतिशत से अधिक की उछाल दर्ज की गई. यह तेजी सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट में यह बताने के बाद आई कि वह कंपनी की AGR (Adjusted Gross Revenue) से जुड़ी याचिका का विरोध नहीं कर रही है. साथ ही सरकार ने कहा कि वह इस मुद्दे के समाधान पर जोर दे रही है.
26 सितंबर को अगली सुनवाई
केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को जानकारी दी कि वह वोडाफोन आइडिया की याचिका का विरोध नहीं कर रही है, लेकिन इस मामले में कुछ समाधान की आवश्यकता हो सकती है. सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि वह कंपनी की इक्विटी होल्डर होने के नाते समाधान प्रक्रिया में शामिल हो सकती है. सुप्रीम कोर्ट की बेंच, जिसमें चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया बीआर गवई, जस्टिस विनोद चंद्रन और एनवी अंजारिया शामिल हैं, ने दोनों पक्षों के वकीलों की दलीलों को सुनने के बाद सुनवाई को 26 सितंबर तक के लिए टाल दिया.
AGR मामला
कर्ज में डूबी वोडाफोन आइडिया ने 8 सितंबर 2025 को AGR से राहत के लिए नई याचिका दाखिल की थी. इस याचिका में कंपनी ने AGR बकाया का व्यापक पुनर्मूल्यांकन और समाधान करने का निर्देश देने की मांग की थी.
याद दिला दें कि सितंबर 2020 में कोर्ट ने वोडाफोन आइडिया को करीब 93,520 करोड़ रुपये के बकाया भुगतान के लिए 10 साल का समय दिया था. इसके तहत कंपनी को 10 प्रतिशत की पहली किश्त 31 मार्च 2021 तक जमा करनी थी, जबकि बाकी की राशि 31 मार्च 2031 तक सालाना किश्तों में चुकानी थी.
शेयर बाजार में प्रदर्शन
शुक्रवार को वोडाफोन आइडिया के शेयर इंट्राडे में 10 प्रतिशत तक बढ़कर 8.82 रुपये पर पहुंचे. अंततः क्लोजिंग लगभग 8 प्रतिशत की तेजी के साथ 8.46 रुपये पर हुई.
पिछले कुछ समय का प्रदर्शन
- एक महीने में: 28% की बढ़त
- छह महीने में: 13% से अधिक की तेजी
- साल 2025 में: 5% से अधिक की बढ़त
- पिछले एक साल में: निवेशकों को 18.5% का नुकसान
विश्लेषकों का कहना है कि सरकार के सकारात्मक रुख और समाधान की संभावना ने निवेशकों में भरोसा बढ़ाया, जिसके चलते शेयरों में तेज़ उछाल देखा गया.


