अगर होम लोन की EMI से परेशान हैं, तो स्मार्ट स्ट्रेटजी अपनाकर 25 साल का लोन सिर्फ 10 साल में पूरा कर सकते हैं,
आज के समय में अपना घर हर किसी का सपना होता है, लेकिन इसकी कीमत इतनी अधिक है कि ज्यादातर लोग होम लोन लेकर ही घर खरीदते हैं. होम लोन लेना आसान हो सकता है, लेकिन इसके लिए हर महीने सैलरी का एक बड़ा हिस्सा EMI (Equated Monthly Installment) के रूप में देना पड़ता है. इस लंबी अवधि के लोन की वजह से लोगों को अक्सर कई सालों तक ब्याज भरना पड़ता है और लोन की कुल लागत काफी बढ़ जाती है. ऐसे में हर कोई चाहता है कि उसका लोन जल्दी चुक जाए और ब्याज की अतिरिक्त राशि कम से कम हो.
मान लीजिए आपने 50 लाख रुपये का होम लोन 25 साल के लिए 8.5% ब्याज दर पर लिया. इस हिसाब से आपकी मंथली EMI लगभग 40,000 रुपये बनेगी. हालांकि, शुरुआत के सालों में बैंक ज्यादातर EMI का पैसा ब्याज के रूप में वसूलता है. उदाहरण के लिए, 40,000 रुपये की EMI में से केवल 60,000 रुपये आपके प्रिंसिपल अमाउंट को घटाते हैं, जबकि 4.20 लाख रुपये सिर्फ ब्याज भरने में चले जाते हैं.
टिप्स 1: हर साल एक EMI एक्स्ट्रा पे करें
अगर आप चाहते हैं कि आपका लोन जल्दी खत्म हो, तो सबसे आसान तरीका है कि हर साल एक अतिरिक्त EMI का भुगतान करें. यह अतिरिक्त भुगतान सीधे प्रिंसिपल अमाउंट में जाएगा, जिससे आपका लोन तेजी से घटेगा. उदाहरण के लिए, अगर आप हर साल 40,000 रुपये का अतिरिक्त भुगतान करते हैं, तो आपका लोन 25 साल की बजाय करीब 20 साल में पूरा हो सकता है.
टिप्स 2: EMI को हर साल बढ़ाएं
दूसरा तरीका है कि अपनी EMI को हर साल लगभग 7.5% की दर से बढ़ाएं. यह आपको शुरुआत में थोड़ी ज्यादा राशि देने में मदद करेगा, लेकिन लोन की अवधि को काफी कम कर देगा. इससे आपका लोन 25 साल की बजाय केवल 12 साल में पूरा हो सकता है. लोन का टैन्योर कम होने से ब्याज पर भी बचत होती है और आप जल्दी लोन के जंजाल से बाहर आ जाते हैं.
टिप्स 3: एक्स्ट्रा EMI + EMI बढ़ोतरी का मिश्रण
तीसरा और सबसे प्रभावी तरीका ऊपर के दोनों तरीकों का संयोजन है. यानी हर साल 40,000 रुपये का अतिरिक्त EMI जमा करें और साथ ही EMI को 7.5% की दर से बढ़ाएं. इस रणनीति को अपनाने पर 25 साल का लोन महज 10 साल में पूरा किया जा सकता है. इससे न केवल आपका समय बचेगा, बल्कि ब्याज में भी बड़ी बचत होगी.इस तरह, सही रणनीति और नियमित भुगतान से आप अपने होम लोन के बोझ से जल्दी छुटकारा पा सकते हैं और वित्तीय आज़ादी की ओर एक कदम बढ़ा सकते हैं.


