Sunday, April 5, 2026

3 अक्टूबर 2025 को रात 9 बजकर 49 मिनट पर शनि पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र में प्रवेश करेंगे.

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नई दिल्ली: वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, शनि नवग्रहों में से सबसे बलशाली ग्रहों में से एक माना जाता है. शनि एक राशि और नक्षत्र में निश्चित अवधि के लिए विराजमान रहता है और फिर अगले स्थान पर गति करता है. शनि को किसी राशि में दोबारा आने में लगभग 30 साल का समय लगता है, जबकि नक्षत्र में पुनः उसी स्थिति में आने में लगभग 27 साल का समय लगता है.

वर्तमान समय में शनि मीन राशि में वक्री अवस्था में विराजमान हैं. 3 अक्टूबर 2025 को रात 9 बजकर 49 मिनट पर शनि पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र में प्रवेश करेंगे. ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, शनि का इस नक्षत्र में प्रवेश कुछ राशियों के लिए विशेष लाभ लेकर आएगा. शनि के इस परिवर्तन से धन-संपदा, करियर और सामाजिक मान-सम्मान में बढ़ोतरी हो सकती है.

ज्योतिषाचार्य पंडित रविकांत शर्मा का कहना है, “शनि का पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र में प्रवेश कुछ राशियों के लिए भाग्य और सफलता दोनों में वृद्धि करेगा. खासतौर पर कर्क, मीन और कुंभ राशि के जातकों को इस समय हर क्षेत्र में लाभ मिलने के योग बन रहे हैं. निवेश, करियर और पारिवारिक मामलों में विवेकपूर्ण निर्णय सफलता दिला सकते हैं.

कर्क राशि (Cancer)
कर्क राशि के जातकों के लिए शनि का पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र में प्रवेश अत्यंत शुभ माना जा रहा है. इस समय शनि कर्क राशि के नवम भाव में विराजमान होंगे. इससे कर्क राशि के जातकों को हर क्षेत्र में सफलता मिलने की संभावना है. निवेश करने पर लाभ प्राप्त होगा और परिवारिक जीवन में खुशहाली आएगी. विदेशों से व्यापारिक लाभ मिलने के योग बन रहे हैं. साथ ही, परिवार के साथ समय बिताना और पारिवारिक मेलजोल बढ़ना भी संभव है.

मीन राशि (Pisces)
मीन राशि के जातकों के लिए शनि का पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र में प्रवेश विशेष फलदायक रहेगा. शनि इस राशि के लग्न भाव में रहेंगे, जिससे नौकरी और व्यापार में लाभ प्राप्त होगा. जातकों के काम की सराहना बढ़ेगी और समाज में उनका मान-सम्मान बढ़ेगा. राजनीति, प्रशासन और शासन से जुड़े क्षेत्रों में विशेष अवसर मिल सकते हैं. शिक्षा और रणनीति से जुड़े कार्य सफल होंगे. जातक आत्मविश्वास के साथ अपने लक्ष्यों की प्राप्ति में बेहतर प्रदर्शन कर पाएंगे.

कुंभ राशि (Aquarius)
कुंभ राशि के जातकों के लिए शनि का नक्षत्र परिवर्तन सकारात्मक बदलाव लाएगा. आत्ममंथन के माध्यम से जातक अपने भीतर सुधार लाएंगे और अपनी वाणी में मधुरता और विनम्रता आएगी, जिससे समाज में लोकप्रियता बढ़ेगी. नौकरी में विदेश जाने के अवसर बन सकते हैं. हालांकि, कुंभ राशि के जातकों को अपनी सेहत और अनावश्यक खर्चों पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है. सोच-समझकर निवेश और खर्च करने से आर्थिक परेशानियों से बचा जा सकता है.

पंडित रविकांत शर्मा का यह भी कहना है कि, “शनि की वक्री अवस्था के बावजूद यदि सही समय और रणनीति के साथ निर्णय लिए जाएं, तो जातकों की किस्मत चमक सकती है. यह समय मेहनत और भाग्य दोनों का संयोजन लेकर आएगा.”

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