Tuesday, June 30, 2026

पीपल, बरगद और तुलसी के पौधे लगाकर आप पितरों का आशीर्वाद और घर में सुख-शांति ला सकते हैं…..

Share

 सनातन धर्म में पितृपक्ष का विशेष महत्व है. यह वह 15-दिवसीय अवधि है जब पितरों को याद किया जाता है और उन्हें तर्पण, दान तथा पूजा के माध्यम से प्रसन्न करने का शुभ समय होता है. इस साल पितृपक्ष 7 सितंबर से शुरू होकर 21 सितंबर तक रहेगा. ज्योतिष विशेषज्ञों का मानना है कि इस दौरान कुछ विशेष पेड़-पौधों को घर में लगाना और उनकी पूजा करना पितरों की कृपा प्राप्त करने का सर्वोत्तम तरीका है.

ज्योतिषाचार्य डॉ. अंशु वर्मा के अनुसार, “पितृपक्ष में कुछ विशेष पौधों को लगाने और उनकी नियमित पूजा करने से परिवार में सुख-शांति और समृद्धि आती है. इन पौधों में पीपल, बरगद और तुलसी का विशेष महत्व है. पीपल में पितरों का वास माना जाता है. इस दौरान पीपल के नीचे जल अर्पित करना और दीपक जलाना अत्यंत शुभ होता है. अगर किसी पवित्र स्थान पर पीपल का पौधा लगाया जाए, तो अधूरे कार्य पूरे होते हैं और घर में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है.”

वहीं, बरगद को दीर्घायु और मोक्ष प्रदान करने वाला वृक्ष माना जाता है. डॉ. वर्मा कहते हैं, “बरगद का पौधा लगाने से पितृ प्रसन्न होते हैं और जीवन में आने वाली परेशानियां कम होती हैं. विशेष रूप से पितृपक्ष में इसका महत्व और भी बढ़ जाता है.”

तुलसी को हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र माना गया है. परंपराओं के अनुसार, मृतक के मुख में तुलसी का दल रखने से उसकी आत्मा को मोक्ष की प्राप्ति होती है. ज्योतिषाचार्य बताते हैं, “पितृपक्ष में तुलसी का पौधा लगाकर रोजाना उस पर जल चढ़ाने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और पितरों का आशीर्वाद मिलता है. तुलसी के आसपास सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और घर में सुख-शांति बनी रहती है.”

विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि इन पौधों की देखभाल और पूजा के साथ-साथ इस अवधि में दान और तर्पण करना अत्यंत लाभकारी होता है. इससे पितर प्रसन्न होते हैं और परिवार के सभी सदस्य मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ रहते हैं.

इस पवित्र अवसर पर घर में पीपल, बरगद और तुलसी का पौधा लगाना न केवल धार्मिक दृष्टि से शुभ है, बल्कि यह घर में सकारात्मक ऊर्जा और सौभाग्य बढ़ाने का एक प्रभावशाली तरीका भी है.

Table of contents [hide]

Read more

Local News