भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या और माता सीता की नगरी जनकपुर को रेलमार्ग से जोड़ने की तैयारी तेज हो गई है. अयोध्या से जयनगर होते हुए जनकपुरधाम तक साप्ताहिक ट्रेन चलाने पर भारत और नेपाल के अधिकारी सुरक्षा व सुविधाओं को अंतिम रूप देने में जुटे हैं.
भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या और माता सीता की नगरी जनकपुर को सीधे रेल मार्ग से जोड़ने की तैयारी शुरू हो गई है. रेलवे और सुरक्षा अधिकारियों की कवायद अब अंतिम चरण में पहुंच रही है. प्रस्तावित योजना के अनुसार अयोध्या से बिहार के जयनगर होते हुए नेपाल के जनकपुरधाम तक साप्ताहिक ट्रेन चलाई जाएगी. इसके संचालन को लेकर जल्द ही भारत और नेपाल के संबंधित विभागों की संयुक्त बैठक होगी, जिसमें ट्रेन के रूट, सुरक्षा व्यवस्था और यात्री सुविधाओं पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा.
मधुबनी में अधिकारियों की अहम बैठक
गुरुवार को मधुबनी जिले के जयनगर स्थित नेपाली स्टेशन पर इरकॉन कार्यालय में रेलवे, कस्टम और सुरक्षा एजेंसियों की उच्चस्तरीय बैठक हुई. इस दौरान ट्रेन संचालन से जुड़ी संभावित चुनौतियों और सुरक्षा इंतज़ामों की समीक्षा की गई. बैठक में भारतीय रेलवे के एडीआरएम आलोक झा, एसएसबी के डीआईजी सरोज कुमार ठाकुर और पटना कस्टम कमिश्नर मोहन कुमार मीणा समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे.
रामायण सर्किट से जुड़ेगा नया मार्ग
बैठक के बाद एडीआरएम आलोक झा ने बताया कि यह ट्रेन न केवल भारत-नेपाल के बीच सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करेगी, बल्कि रामायण सर्किट को भी नया आयाम देगी. उन्होंने कहा कि अयोध्या-जनकपुरधाम ट्रेन सेवा से दोनों देशों के श्रद्धालुओं और पर्यटकों को सीधा लाभ मिलेगा. इससे धार्मिक पर्यटन को भी नया बढ़ावा मिलने की उम्मीद है
ट्रेन सेवा शुरू करने से पहले सुरक्षा इंतज़ामों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. सीमा पर निगरानी, यात्रियों की जांच प्रक्रिया और कस्टम नियमों को लेकर प्रारंभिक खाका तैयार किया गया है. एसएसबी और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की टीमों ने जयनगर से लेकर जनकपुरधाम तक के संभावित मार्ग का सर्वेक्षण किया. अधिकारियों का मानना है कि सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करना होगा, ताकि परिचालन निर्बाध और सुरक्षित तरीके से हो सके.
रेलवे अधिकारियों ने जानकारी दी कि एक नोडल अधिकारी को इस परियोजना के लिए नियुक्त किया गया है. वे नेपाल के संबंधित विभागों से तालमेल कर बैठक की तारीख तय करेंगे. इस संयुक्त बैठक में ट्रेन के परिचालन की दिशा और अंतिम रूपरेखा तय होगी.
जयनगर पहुंचे एडीआरएम आलोक झा के साथ एसएसबी कमांडेंट गोविंद सिंह भंडारी, कस्टम सहायक कमिश्नर बिनोद कुमार, रेलवे के सीनियर डीएमओ, डीसीएम राकेश श्रीवास्तव, टीआई राजेश मोहन मल्लिक समेत कई अन्य अधिकारी शामिल हुए. सुरक्षा और रेलवे से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर इन अधिकारियों ने मिलकर विस्तार से चर्चा की.


