Saturday, July 4, 2026

आर्थिक तंगी से परेशान महिला ने अपने बच्चों के साथ नदी में छलांग लगाकर आत्महत्या करने की कोशिश

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मोकामा में आर्थिक तंगी से परेशान एक महिला ने अपने दो बच्चों के साथ नदी में छलांग लगाकर आत्महत्या करने की कोशिश की। इस घटना में महिला और उसकी बेटी की मौत हो गई जबकि बेटे को बचा लिया गया। महिला का पति मानसिक रूप से बीमार था और परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहा था जिसके चलते उसने यह कदम उठाया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

मोकामा। परिवार की आर्थिक तंगी और पागल पति से परेशान एक महिला ने अपने दो बच्चों के साथ नदी में छलांग लगा दी।

इस घटना में महिला और उसकी बेटी डूब गई, जबकि एक युवक ने महिला के बेटे को नदी से निकालकर जिंदा बचा लिया। यह घटना मोकामा टाल क्षेत्र के चकसम्या ग्रामीण पुल पर हुई है। महिला सम्यागढ़ गांव की रहने वाली थी।

बताया जाता है कि शनिवार की दोपहर लगभग एक बजे कुंदन महतो की पत्नी मनीषा देवी (40 वर्ष) अपने दो बच्चों, मिस्टी कुमारी (7 वर्ष) और कार्तिक कुमार (4 वर्ष) के साथ घर से निकल गई।

ई-रिक्शा पर बैठकर थोड़ी दूर चकसम्या पुल पर पहुंचकर बच्चों समेत महिला उतर गई। ग्रामीणों ने बताया कि महिला एक झोला कपड़ा भी साथ लाई थी। पुल पर पहुंचकर मनीषा देवी ने झोला को रख दिया और बेटे कार्तिक को गोद में लेकर बाड़ी नदी में फेंक दिया।

अपनी मां की इस क्रूरता को देख पुत्री मिस्टी ने विरोध किया। मनीषा देवी ने पुत्री को भी पकड़कर नदी में फेंक दिया और खुद भी छलांग लगा दी।

इस पूरे घटनाक्रम को देख रहा एक युवक भी नदी में कूद पड़ा और कार्तिक को सुरक्षित बचा लिया। घटनास्थल से एक झोला कपड़ा और एक मोबाइल भी बरामद किया गया है। घटना की खबर सुनकर मौके पर सम्यागढ़ पुलिस पहुंचकर कैम्प कर रही है।

बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ भी उमड़ पड़ी है। घटना के बाद स्थानीय गोताखोरों की टीम ने मिस्टी कुमारी की लाश बरामद कर ली है। महिला की तलाश की जा रही है। मनीषा देवी का पति कुंदन महतो पूरी तरह पागल बताया जाता है।

मजदूर ससुर कमलेश महतो मनीषा देवी और उसके दोनों बच्चों की परवरिश कर रहे थे। पागल पति और आर्थिक तंगी से परेशान होकर मनीषा देवी ने यह खौफनाक कदम उठाया है।

इस घटना के बाद मृतिका के घर कोहराम मच गया है। ग्रामीण महिलाएं स्वजनों को ढाढस बंधा रही हैं। सम्या पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरु कर दी है। मौके पर मनीषा के मायका से भी स्वजन पहुंच गए हैं। बेटा कार्तिक दिव्यांग है।

पहले भी दो बार खुदकुशी का प्रयास कर चुकी थी मनीषा

आर्थिक तंगी से जूझ रही मनीषा देवी पहले भी जान देने का प्रयास कर चुकी थी। बीते शुक्रवार को भी दोनों बच्चों समेत मनीषा घर से निकलकर खुदकुशी करने जा रही थी। पड़ोसियों ने देखा तो पकड़कर घर पहुंचा दिया।

छह माह पहले भी मनीषा फंदे से झूल गई थी। उस समय भी पड़ोसियों ने जान बचा ली थी। तीसरे प्रयास में मां और बेटी की जान चली गई।

ग्रामीणों ने बताया कि आर्थिक तंगी को लेकर स्वजनों से मनीषा का हमेशा झगड़ा होता रहता था। शनिवार को मनीषा बच्चों को नानी घर जाने का झूठा आश्वासन देकर घर से निकल गईं।

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