मुजफ्फरपुर में जमीन रजिस्ट्री की नई व्यवस्था लागू की गई है। अब क्रेता और विक्रेता दोनों के मोबाइल पर दस्तावेज का लिंक भेजा जाएगा जिससे केवाला आसानी से डाउनलोड हो सकेगा। पारदर्शिता लाने के लिए यह व्यवस्था शुरू की गई है। दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने से पहले तथ्यों की जांच जरूर करें। दाखिल-खारिज की प्रक्रिया अभी जिले में लागू नहीं हुई है।
मुजफ्फरपुर।: जमीन के निबंधन के बाद अब आपको इसका दस्तावेज लेने के लिए कोई मशक्कत नहीं करनी होगी। जमीन के निबंधन के साथ ही इसका लिंक आपके मोबाइल पर चला जाएगा। इसपर जाकर आप आराम से केवाला को डाउनलोड कर उसका प्रिंट निकाल सकते हैं।
यही नहीं निबंधन के तुरंत बाद आप निबंधन कार्यालय से भी दस्तावेज प्राप्त कर सकते हैं। जिला निबंधन कार्यालयों में यह व्यवस्था इस सप्ताह से शुरू हो गई है। इसमें जमीन के क्रेता-विक्रेता दाेनों के मोबाइल पर निबंधन के साथ दस्तावेज का लिंक चला जा रहा है।
जिला अवर निबंधक मनीष कुमार ने कहा कि निबंधन कार्य में पारदर्शिता के लिए ऐसा किया गया है। अब क्रेता और विक्रेताओं की कितनी भी संख्या होगी, उनके मोबाइल पर जमीन निबंधन के साथ दस्तावेज का लिंक चला जाएगा।
विदित हो कि पहले जमीन के निबंधन के बाद दस्तावेज देर शाम या अगले दिन उपलब्ध होता था। वह भी क्रेता को ही मिल पाता था। कई माह के बाद विक्रेता की ओर से यह शिकायत की जाती थी कि उससे अधिक जमीन लिखवा ली गई है। इससे विवाद बढ़ता था। नई व्यवस्था से एक साथ सभी क्रेता और विक्रेताओं को निबंधन के साथ दस्तावेज मिल जाने से इस तरह के विवाद कम हो जाएंगे।
दस्तखत से पहले जरूर कर लें तथ्य व कागजात की जांच
जिला अवर निबंधक ने कहा, पहले निबंधन के दस्तावेज की स्कैनिंग और उसको अपलोड में कुछ समय लगता था। नई व्यवस्था में स्कैनिंग के साथ निबंधन हो रहा है। निबंधन बटन दबने के साथ ही दस्तावेज अपलोड हो जाता है। इसके बाद इसमें किसी तरह का बदलाव नहीं हो सकेगा। इसलिए क्रेता और विक्रेता दस्तावेज पर दस्तखत से पहले एक बार जरूर तथ्यों और कागजात की जांच कर लें।
निबंधन के साथ दाखिल-खारिज की व्यवस्था अभी लागू नहीं
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की ओर से पिछले दिनों पटना में पोर्टल लांच किया गया था। इसमें जमीन के निबंधन के साथ ही उसके दाखिल-खारिज की प्रक्रिया शुरू होने की व्यवस्था दी गई है। यह व्यवस्था अभी जिले में लागू नहीं हो सकी है।


