आम को फलों का राजा कहा जाता है. यह फल सभी को पसंद होता है और गर्मियों के मौसम में मिलता है. आम अपने स्वादिष्ट स्वाद और भरपूर पौष्टिक गुणों के लिए भी जाना जाता है. हालांकि, आम में मौजूद हाई नेचुरल शुगर अकसर डायबिटीज मरीजों के लिए चिंता का विषय बन जाती है. वैसे तो गर्मी के मौसम का आनंद सभी लेते हैं, लेकिन डायबिटीज मरीजों को इस पसंदीदा फल को अपने आहार में शामिल करने से पहले सोचना पड़ता है.
ऐसे में इस खबर के माध्यम से जानिए कि कैसे डायबिटीज पेशेंट भी आम को अपने आहार में शामिल कर इसका आनंद ले सकते हैं, जानें…
क्या डायबिटीज मरीज रोजाना आम खा सकते हैं?
इसका उत्तर है, हां, मधुमेह रोगी आम खा सकते हैं, लेकिन सीमित मात्रा में. कहने का मतलब यह है कि आम में चीनी की मात्रा अधिक होती है, फिर भी डायबिटीज मरीज सीमित मात्रा में आम खा सकते हैं, लेकिन आमतौर पर रोजाना सेवन की सलाह नहीं दी जाती है. बता दें, आम एक ऐसा फल है जिसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स (जीआई) 51-56 के मध्यम और ग्लाइसेमिक लोड (जीएल) कम होता है. इसका मतलब है कि अगर संयम से खाया जाए, तो आम डायबिटीज रोगियों के आहार में एक स्वास्थ्यवर्धक पूरक हो सकता है.
डायबिटीज पेशेंट कितने आम खा सकते है?
अमेरिकन डायबिटीज एसोसिएशन के अनुसार, डायबिटीज के मरीजों को कम मात्रा में, लगभग आधा कप या 100 ग्राम, आम का सेवन करना चाहिए. मतलब, डायबिटीज मरीज मध्यम आकार का एक आम रोजाना खा सकते हैं. इसके साथ ही ADA ने यह भी बताया कि आम खाते समय किसी भी डेयरी प्रोडक्ट और स्टार्चयुक्त खाद्य पदार्थों से बचना चाहिए और अपने ब्लड शुगर के स्तर को कंट्रोल रखना चाहिए. इसके साथ ही डायबिटीज मरीज को कितना आम खाना चाहिए, इसकी जानकारी के लिए रोगी को अपने निजी चिकित्सक से संपर्क करना बेहतर होता है.
आम में कौन-कौन से पोषक तत्व मौजूद हैं?
NIH वेबसाइट के अनुसार, आम न सिर्फ स्वादिष्ट होते हैं, बल्कि इनमें विटामिन सी और ए, आहारीय फाइबर, फलेट, पोटैशियम और एंटीऑक्सीडेंट सहित कई पोषक तत्व भी होते हैं. ये पोषक तत्व रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और त्वचा व आंखों के स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए जाने जाते हैं. फाइबर पाचन में सहायक होता है और ब्लड शुगर के स्तर को कंट्रोल रखता है. और एंटीऑक्सीडेंट की प्रचुरता शरीर को ऑक्सीडेटिव क्षति से बचाती है और सूजन को कम करती है.
आम डायबिटीज रोगियों के लिए कैसे फायदेमंद हैं?
अपनी शुगर कंटेंट के बावजूद, आम खाने के कई हेल्थ बेनिफिट्स होते हैं, जो डायबिटीज मरीजों के लिए फायदेमंद हो सकते हैं, जैसे कि…
आम में मौजूद डायट्री फाइबर गैस्ट्रिक खाली होने की प्रक्रिया को धीमा कर देते हैं, जिससे ब्लड शुगर के स्तर में अचानक वृद्धि को रोका जा सकता है. यह प्रभाव मुख्य रूप से आम में मौजूद फाइबर की हाई मात्रा के कारण होता है. इसके एंटीऑक्सीडेंट, क्वेरसेटिन और मैंगिफेरिन, अपने सूजन-रोधी गुणों के कारण सूजन और लॉन्ग टर्म बीमारियों के खतरे को कम करने में मदद कर सकते .
आम खाने का सबसे अच्छा समय क्या है?
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि आम का सेवन दिन के समय किया जाना चाहिए, जब शरीर का मेटाबॉलिज्म आमतौर पर रात के समय की तुलना में तेज होता है.
Diabetes-Friendly डाइट में आम को शामिल करने के क्या तरीके हैं?
डायबिटीज के रोगी नाश्ते में आम खा सकते हैं, लेकिन दो-तिहाई कप से ज्यादा न खाएं. ध्यान रखें
क्या आम भोजन का ऑप्शन हो सकते हैं?
यह सच है कि आम पौष्टिक होते हैं, लेकिन वे एक बैलेंस डाइट का विकल्प नहीं बन सकते. आम में विटामिन, खनिज और फाइबर जैसे पोषक तत्व होते हैं, लेकिन वे सभी पोषक तत्वों का पर्याप्त मात्रा में प्रदान नहीं करते जो एक हेल्दी शरीर के लिए जरूरी हैं. एक बैलेंस डाइट में विभिन्न प्रकार के खाद्य पदार्थों से पोषक तत्वों का मिश्रण शामिल होता है.
इसके साथ ही, आम खाने से पहले एक गिलास पानी में चिया सीड्स और नींबू का रस मिलाकर पी सकते हैं या मुट्ठी भर बादाम खा सकते हैं. इससे रक्त शर्करा के स्तर को कुछ हद तक नियंत्रित करने में मदद मिलेगी. इसके अलावा, अल्फांसो और केसर जैसे आम चुनें, जिनका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है.

आम खाने के बाद…
दिन भर ऐसे ही अन्य उच्च कार्बोहाइड्रेट वाले, मीठे खाद्य पदार्थों से बचें और सुनिश्चित करें कि आप स्वस्थ आहार लें. साथ ही, खूब पानी पिएं. तनावपूर्ण स्थितियों से बचें, क्योंकि इससे ब्लड शुगर का स्तर बढ़ सकता है. अपनी दवाएं भी समय पर लेना न भूलें.



