पटना में बढ़ते क्राइम को देखते हुए सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. शहर में 650 हाई क्वालिटी सीसीटीवी लगाने का फैसला लिया गया है. इससे अपराधियों पर नजर रखी जाएगी. साथ ही इसकी मदद से जांच में मदद मिलेगी. पढ़ें पूरी खबर…
बिहार के टॉप कारोबारियों में शुमार गोपाल खेमका की हत्या के बाद से पटना में सनसनी फैल गयी है. राजधानी में क्राइम कंट्रोल करने में पुलिस जुट गयी है. सरकार ने भी एक्शन लेना शुरू कर दिया है. इसी क्रम में राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था को हाइटेक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने 197 नये जगहों पर 650 अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाने की योजना बनायी है. अब तक शहर के 415 स्थानों पर कुल 3357 सीसीटीवी कैमरे लगाये जा चुके हैं. ये कैमरे प्रमुख चौक-चौराहों, ट्रैफिक प्वाइंट और संवेदनशील स्थलों पर लगे हैं, जिनसे अपराध नियंत्रण और ट्रैफिक प्रबंधन में काफी मदद मिल रही है.
लोकेशन किया जा रहा डिसाइड
स्मार्ट सिटी से मिली जानकारी के मुताबिक, प्रस्तावित 650 नये कैमरों के लिए लोकेशन चिह्नित कर प्रस्ताव विभाग को भेजा गया है. राशि स्वीकृत होते ही इन कैमरों को लगाने का काम शुरू कर दिया जायेगा. इसके तहत जेपी गंगा पथ को सभ्यता द्वार से दीदारगंज तक सीसीटीवी कैमरे से लैस किया जायेगा. वहीं, अशोक राजपथ पर नवनिर्मित डबल डेकर पुल और शहर के सभी प्रवेश व निकास द्वार जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरे से नजर रखी जायेगी. बताया जा रहा है कि सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ने से शहर में अपराध पर प्रभावी नियंत्रण होगा और किसी भी कानून-व्यवस्था की स्थिति में तुरंत कार्रवाई संभव हो सकेगी.
थाने स्तर पर होगी मॉनीटरिंग
अधिकारियों को एसपी, बिहार राज्य पथ विकास निगम लिमिटेड और पटना नगर निगम से समन्वय स्थापित कर इस काम को जल्द पूरा करने का निर्देश दिया गया है. कैमरों को एक्टिव रखने के लिए थानों व ओपी स्तर पर मॉनीटरिंग प्रणाली को भी अपग्रेड किया जायेगा. साथ ही निजी भवन के मालिक और कारोबारियों भी अनुरोध किया जायेगा कि वे अपने घरों व दुकानों के सामने सीसीटीवी कैमरे लगाएं. यह सुरक्षा के लिहाज से जरूरी है और इससे खाली फ्लैटों में चोरी पर नियंत्रण पाया जा सकेगा.


