तेलंगाना के अपराध जांच विभाग (सीआईडी) ने 792 करोड़ रुपये के ‘घोटाले’ के सिलसिले में फाल्कन ग्रुप के मुख्य परिचालन अधिकारी (सीओओ) आर्यन सिंह छाबड़ा को गिरफ्तार किया है. सीआईडी ने बताया कि छाबड़ा (39) को पंजाब के बठिंडा में एक गुरुद्वारा से गिरफ्तार किया गया, जहां वह छिपे हुआ था. सीआईडी ने बताया, “उसे ट्रांजिट वारंट पर रविवार को हैदराबाद लाया गया और उसके बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.”
सीआईडी के अनुसार, फाल्कन ग्रुप ने कथित तौर पर प्रतिष्ठित बहुराष्ट्रीय कंपनियों के नाम पर बनाए गए फर्जी अल्पकालिक निवेश सौदों के जरिये उच्च रिटर्न का वादा करके 7,056 जमाकर्ताओं को ठगा.
सीआईडी ने कहा, “कंपनी ने 4,215 करोड़ रुपये की भारी रकम एकत्र की है. उन्होंने विश्वास बनाए रखने के लिए शुरुआत में कुछ निवेशकों को धन वापस कर दिया था. हालांकि, जब धोखाधड़ी सामने आई, तो पता चला कि 4,065 पीड़ितों को अभी भी 792 करोड़ रुपये का भुगतान नहीं किया गया है.”
आधिकारिक बयान में कहा गया है कि मामला शुरू में साइबराबाद पुलिस ने दर्ज किया था और बाद में इसे सीआईडी को सौंप दिया गया था. जांच में पता चला कि आर्यन सिंह छाबड़ा बंजारा हिल्स की एमएलए कॉलोनी में रहता था, लेकिन गिरफ्तारी से बचने के लिए महाराष्ट्र के नांदेड़ और बाद में बठिंडा भाग गया और यहां एक गुरुद्वारा में शरण ली. गुप्त सूचना पर, सीआईडी तेलंगाना की एक विशेष टीम बठिंडा गई और उसे गिरफ्तार कर लिया. सीआईडी ने उसके कब्जे से दो सेल फोन और आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए.
आर्यन सिंह और अमरदीप कुमार मास्टरमाइंड
सीआईडी के मुताबिक, इस घोटाले के पीछे आर्यन सिंह और फाल्कन ग्रुप के एमडी अमरदीप कुमार मास्टरमाइंड थे. आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि आर्यन सिंह ने अकेले निवेशकों से 14.35 करोड़ रुपये जुटाये और 1.62 करोड़ रुपये अपने निजी खातों में ट्रांसफर किए. इस बीच, मामला दर्ज होने के बाद अमरदीप कुमार देश छोड़कर भाग गया.
आर्यन सिंह के अलावा, इस मामले में अब तक नौ लोगों को गिरफ्तार किया गया है. सीआईडी ने कहा कि सभी फरार आरोपियों को गिरफ्तार करने और अपराध का पता लगाने के लिए जांच जारी है.


