Friday, July 10, 2026

Bihar में बदल रहे जमीन रजिस्ट्री के 4 नियम, एक जुलाई से करना होगा ये काम

Share

सरकार की ओर से यह बदलाव नहीं, एक खुफिया ऑपरेशन की तरह है जो भ्रष्ट तंत्र की जड़ें काटने आ गया है. 1 जुलाई के बाद संपत्ति की दुनिया वैसी नहीं रहेगी जैसी पहले थी. यह नया कानून सिर्फ नियमों का एक सेट नहीं, बल्कि अपराध की कमर तोड़ने का एक अचूक हथियार है. दलाल, बिचौलिये, जालसाज, फर्जी मालिक और भ्रष्ट अफसर सबकी रातों की नींद उड़ी हुई है.

पटना. बिहार सरकार भू माफियाओं पर नकेल कसने के लिए लगातार नियमों में संशोधन कर रही है. एक जुलाई से सरकार ने जमीन रजिस्ट्री के चार प्रावधानों को सख्त कर दिया है. इस क्षेत्र में पनप रहे जालसाजों, फर्जीवाड़े के सौदागरों और भू-माफियाओं पर सीधा हमला करने जा रही है. सरकार की इस पहल से किसी संपत्ति की खरीद-बिक्री में फर्जीवाड़े की गुंजाइश कम होगी. बिहार सरकार का निबंधन विभाग 1 जुलाई 2025 से संपत्ति रजिस्ट्री प्रक्रिया में चार कड़े और बेजोड़ नियम लागू हो रहा हैं, जिनसे फर्जी दस्तावेज़ों और झूठी पहचान के सहारे चल रहे गोरखधंधे पर लगाम कसी जा सकती है.

पहला नियम : आधार बायोमेट्रिक अनिवार्य

अब संपत्ति की रजिस्ट्री सिर्फ नाम से नहीं, पहचान की नब्ज से होगी. आधार कार्ड का बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन, यानि फिंगरप्रिंट और रेटिना स्कैन के बिना कोई सौदा मुमकिन नहीं, जो वर्षों से दूसरों की पहचान चुराकर ज़मीनों पर कब्जा करते फिरते थे, अब उन्हें कानून की पकड़ से कोई नहीं बचा सकता. यह नियम जालसाजों के लिए मौत की घंटी कही जा रही है. अब नकली पहचान के सहारे बेनामी संपत्तियों का खेल मुश्किल होगा.

दूसरा नियम: डिजिटल दस्तावेज़ अपलोड

सरकारी पोर्टल पर अब सभी कागजात अपलोड होंगे. बिना किसी बहाने, बिना किसी फर्जी कागज की घुसपैठ. ज़रा सी चूक और पोर्टल का डिजिटल पहरेदार पकड़ लेगा दस्तावेज़ों की सच्चाई. यह नियम उन शातिर अपराधियों पर शिकंजा कसेगा जो जाली कागजात बनाकर दूसरों की संपत्ति हड़प लेते थे. अब हर दस्तावेज़ का डिजिटल निशान होगा, जिसे मिटाना नामुमकिन होगा.

तीसरा नियम: ऑनलाइन भुगतान, डिजिटल रसीद

कैश में सौदा करने वाले अब हो जाएं तैयार. हर भुगतान डिजिटल होगा और हर रसीद का रिकॉर्ड हमेशा के लिए सरकारी खजाने में कैद रहेगा. घोटालेबाजों के लिए अब कोई छुपने की जगह नहीं बचेगी. यह नियम काले धन और भ्रष्टाचार के गठजोड़ को तोड़ेगा, जिससे संपत्ति के सौदों में पारदर्शिता आएगी और अवैध कमाई पर लगाम लगेगी.

चौथा नियम : डिजिटल रजिस्ट्री की कॉपी

संपत्ति रजिस्ट्रेशन के बाद अब फौरन मिलेगी डिजिटल कॉपी. पूरी तरह कानूनी और हर समय डाउनलोड के लिए तैयार. कागज़ी हेराफेरी और कॉपी गुम होने का खेल अब खत्म. यह नियम उन जालसाजों के मंसूबों पर पानी फेर देगा जो पुरानी और गुमशुदा कागजी कॉपियों का फायदा उठाकर फर्जीवाड़े करते थे. अब सब कुछ डिजिटल होगा, जिससे धोखाधड़ी की संभावना न्यूनतम हो जाएगी.

Table of contents [hide]

Read more

Local News