Friday, July 10, 2026

पित की नली में स्टोन निकालना हुआ आसान, नई तकनीक हो रही कारगर

Share

आईजीआईएमएस, पटना में आयोजित बीजे-आईएसजीकॉन में देश भर के चिकित्सकों ने पित्त की नली से स्टोन निकालने, ट्यूमर, पैंक्रियाज, लिवर और गाल ब्लैडर के इलाज में नई तकनीकों और दवाओं के महत्व पर चर्चा की। डॉ. मोहित भंडारी ने मोटापे के लिए एंडोस्कोपी और स्वस्थ जीवनशैली की बात की, जबकि डॉ. संजीव कुमार झा ने पेट की बीमारियों के प्रति जागरूकता पर जोर दिया।

पटना। पित की नली से स्टोन निकालना अब काफी आसान हो गया है। इसमें नई तकनीक काफी कारगर साबित हो रही है। इसके अलावा ट्यूमर, पेंक्रियाज, लिवर एवं गाल ब्लाडर के इलाज में भी नई तकनीक एवं दवाएं काफी उपयोग हो रही हैं। ये बातें रविवार को आईजीआईएमएस में आयाेजित बीजे-आईएसजीकान में देश के कोने-कोने से आए चिकित्सकों ने कहीं।

मौके पर डॉ. मोहित भंडारी ने कहा कि वर्तमान में मोटापे की समस्या तेजी से बढ़ती जा रही है। एंडोस्कोपी विधि से मोटापा का इलाज किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर मोटापा पर बहुतहद तक नियंत्रण स्थापित किया जा सकता है।

मौके पर आईजीआईएमएस के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. संजीव कुमार झा ने कहा कि पेट की बीमारियों के प्रति मरीजों को जागरूक करना बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि कई बार महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान लिवर की समस्या बढ़ जाती है। इस तरह की बीमारियों का इलाज काफी सावधानी से करने की जरूरत होती है।

कार्यक्रम के दौरान स्पाई ग्लास कोलिंजियोस्कोपी एवं एंडोस्कोपिक अल्ट्रासाउंड लाइव वर्कशॉप का आयोजन किया गया। इस दौरान एसोसिएशन का चुनाव भी संपन्न हुआ। कार्यशाला में दिल्ली से आए डॉ. अजय कुमार ने कहा कि पैंक्रियाज, लिवर, गाल ब्लाडर के ट्यूमर, लिम्फ नोड्स, ट्यूबरक्लोसिस, बायोप्सी में भी नई तकनीक का महत्व काफी बढ़ गया है।

  • कार्यशाला में डॉ. कुणाल दास, डॉ. अमर मुकुंद, डॉ. प्रवीण राठी, डॉ. पीयूष रंजन ने विचार व्यक्त किए। मौके पर आयोजन समिति के चेयरमैन डॉ. वीएम दयाल ने पेट की बीमारियों पर प्रकाश डाला।
  • वहीं एसोसिएशन के चुनाव में, सत्र 2025-26 के लिए डॉ. आशीष कुमार झा को अध्यक्ष एवं डॉ. संजीव कुमार झा को पुनः सचिव बनाया गया है। अब अगली कॉन्न्फ्रेंस 2026 में झारखंड के रांची में होगी।

Read more

Local News