अडानी सीमेंट की फर्जी फ्रेंचाइजी दिलाने के नाम पर 14 लाख रुपये की साइबर ठगी करने वाले गिरोह का वाराणसी साइबर क्राइम पुलिस ने भंडाफोड़ किया है. पुलिस ने गिरोह के सरगना समेत दो साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों के कब्जे से मोबाइल फोन, लैपटॉप, सिमकार्ड, एटीएम कार्ड और नगद रकम बरामद की गई है.
- यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल, पुलिस उपायुक्त सरवणन टी, अपर पुलिस उपायुक्त श्रुति श्रीवास्तव और सहायक पुलिस आयुक्त विजय प्रताप सिंह के निर्देशन में गठित विशेष टीम ने की.
- वाराणसी के लोहता ग्राम बनकट निवासी अनिल कुमार सिंह द्वारा 16 मई 2025 को साइबर क्राइम थाना में शिकायत दर्ज कराई थी कि अज्ञात साइबर ठगों ने उनसे अडानी सीमेंट की फ्रेंचाइजी दिलाने के नाम पर 14 लाख रुपये की ठगी कर ली है. शिकायत के आधार पर एफआईआर आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया.
- इसकी विवेचना की जिम्मेदारी निरीक्षक राजकिशोर पांडेय को सौंपी गई. जांच के दौरान साइबर क्राइम टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घटना में शामिल गिरोह के सरगना सहित दो अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस को इनके पास से ठगी में प्रयुक्त मोबाइल फोन, सिमकार्ड, लैपटॉप, एटीएम कार्ड और नगदी बरामद की गई.
पुलिस ने बताया की यह गिरोह आम लोगों को फर्जी वेबसाइट और सोशल मीडिया विज्ञापनों के माध्यम से सीमेंट कंपनी की फ्रेंचाइजी का लालच देकर ठगी करता था. गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है.
पुलिस उपायुक्त सरवण ने बताया कि नामी कंपनियों के फर्जी वेबसाइट बना कर फ्रेंचाइजी दिलाने के नाम पर लोगों को ठगी करने वाले दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है.
इसमें एक का नाम सुजीत सिंह और दूसरे का नाम कृष्णा शाह है. ये लोग कोलकाता के रहने वाले हैं. ये लोग केएफसी, डॉमिनोज एवं अदाणी की नामी कंपनियों के फर्जी वेबसाइट बनाकर उनकी फ्रेंचाइजी दिलाने के नाम पर ठगी करते है.
पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी फ्रेंचाइजी या व्यवसायिक प्रस्ताव को स्वीकार करने से पहले उक्त कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट और दस्तावेजों की जांच अवश्य करें.


