पटना सिविल कोर्ट से पेशी के दौरान एक बंदी के फिल्मी अंदाज में फरार होने से हड़कंप मच गया है. लूटकांड में गिरफ्तार विकास कुमार शौच का बहाना बनाकर हथकड़ी की रस्सी काटते हुए बाथरूम की खिड़की से भाग निकला. पुलिस अब उसकी तलाश में छापेमारी कर रही है.
पटना सिविल कोर्ट से पेशी के दौरान एक बंदी के फरार होने का सनसनीखेज मामला सामने आया है. लूटकांड में गिरफ्तार और जेल में बंद विकास कुमार ने पुलिस की आंखों में धूल झोंकते हुए कोर्ट परिसर से बाथरूम के रास्ते भाग निकला. पूरा मामला एक सोची-समझी साजिश की ओर इशारा कर रहा है, जिसमें कोर्ट परिसर की सुरक्षा व्यवस्था की बड़ी चूक उजागर हुई है.
शौचालय से फरार हुआ कैदी
पालीगंज निवासी विकास कुमार को फुलवारीशरीफ अनुमंडल कारा से मंगलवार को सिविल कोर्ट लाया गया था, जहां उसे एसडीजेएम-द्वितीय की अदालत में पेश किया जाना था. कैदी वैन से उतरने के बाद हवलदार ठग राम ने उसे हथकड़ी पहनाकर रस्सी के सहारे अपने पास बांध रखा था. अदालत भवन के निचले तल्ले पर पहुंचने पर विकास ने शौच जाने की बात कही. शौचालय के बाहर हवलदार ने रस्सी पकड़ी, लेकिन अंदर से दरवाजा बंद करते ही विकास ने ऐसा चकमा दिया कि पुलिस के होश उड़ गए.
खिड़की की ग्रिल काट भागा विकास
काफी देर तक कोई जवाब न मिलने पर हवलदार को शक हुआ. जब दरवाजा तोड़ा गया, तो भीतर न विकास था, न हथकड़ी की पूरी रस्सी. अंदर टूटी हुई खिड़की की ग्रिल और कटी रस्सी देखकर साफ हो गया कि विकास पहले से प्लानिंग करके आया था. जांच में आशंका जताई जा रही है कि उसके किसी साथी ने पहले से बाथरूम की खिड़की की ग्रिल ढीली कर दी थी, ताकि विकास मौके का फायदा उठाकर भाग सके.
विकास बुद्धा कॉलोनी थाने में दर्ज लूटकांड में पकड़ा गया था और उसके पास से हथियार भी बरामद हुआ था. उस पर लूट और चोरी के कई आपराधिक मामले पहले से दर्ज हैं.
घटना के बाद परिसर में मची अफरातफरी
घटना के बाद कोर्ट परिसर में अफरा-तफरी मच गई. पुलिस ने पीरबहोर थाने में मामला दर्ज किया है और संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है. लेकिन सवाल ये है कि कोर्ट जैसी सुरक्षित जगह से एक बंदी आखिर इतनी आसानी से कैसे भाग गया? क्या इसमें जेल कर्मियों की लापरवाही है या अंदरूनी मिलीभगत?


