रांचीः स्पेशलाइज्ड इंडियन रिजर्व बटालियन यानी एसआईआरबी जवान सत्य प्रकाश देहरी हत्याकांड की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है. उसकी हत्या उसी के बटालियन के आरक्षी विल्सन माल्टो ने की थी. पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल किए गए लोहे के पाइप को भी बरामद कर लिया है. यह हत्या एक छोटे से विवाद को लेकर की गई थी. यह जानकारी कांके थाना प्रभारी प्रकाश रजक ने दी है.
- यह मामला 9 जून का है. विधानसभा थाना क्षेत्र के रिंग रोड पर टुंडूल गांव के पास बने पुल के नीचे से आरक्षी सत्य प्रकाश देहरी का शव बरामद किया गया था. इस घटना की जांच की जिम्मेदारी विधानसभा थाना और कांके थाना के प्रभारी को दी गई थी. जांच में पता चला कि कांके के थाना में प्रतिनियुक्ति एसआईआरबी जवान सत्य प्रकाश देहरी का स्मार्टफोन चोरी कर उसके खाते से गेमिंग एप के जरिए 19,999 रुपये ट्रांसफर कर दिए गए थे. सत्य प्रकाश को आरक्षी विल्सन माल्टो पर शक था. उसने आरोप लगाया था कि उसका यूपीआई आईडी और पासवर्ड जानकर विल्सन माल्टो ने पैसे ट्रांसफर कर लिए थे. इसको लेकर दोनों में काफी विवाद था.
- इसी दौरान 7 जून को विल्सन माल्टो अपनी स्कूटी से सत्य प्रकाश देहरी को खूंटी बाजार टांड़ ले गया था. वहां से लौटते वक्त रिंग रोड पर पुल के पास मोबाइल और पैसे को लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया. इसी बीच मौका पाकर विल्सन माल्टो ने अपने साथी सत्य प्रकाश देहरी को पुल के नीचे धकेल दिया. फिर पुल के नीचे जाकर स्कूटी में रखे लोहे के पाइप से सत्य प्रकाश देहरी के सिर पर गंभीर हमला किया. बेरहमी से हमला करने के बाद सत्य प्रकाश के शव को पुल के पास मौजूद झाड़ी में छुपा दिया और स्कूटी लेकर कांके थाना पहुंचकर ड्यूटी में जुट गया.
विल्सन माल्टो साहिबगंज जिला के तालझारी थाना क्षेत्र का निवासी है. पूछताछ के दौरान उसने अपराध स्वीकार कर लिया है. उसके खिलाफ विधानसभा थाना में 13 जून को अलग-अलग धाराओं के तहत कांड दर्ज किया गया था. इस हत्याकांड की जांच के लिए कांके थाना प्रभारी प्रकाश रजक और विधानसभा थाना प्रभारी विश्वजीत कुमार सिंह के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई थी. इस पूरे मामले की पुष्टि कांके थाना प्रभारी प्रकाश रजक ने की है.


