नालंदा: बिहार की राजधानी पटना में बुधवार की देर रात वाहन जांच के दौरान हादसे में घायल महिला सिपाही कोमल कुमारी की इलाज के दौरान मौत हो गई. वह नालंदा के एकंगरसराय प्रखंड अंतर्गत धनहर गांव की रहने वाली थी. 25 वर्षीय बेटी कोमल पटना जिलाबल में डायल 112 में पदस्थापित थी. इस घटना के बाद गांव में मातम पसरा हुआ है. परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है.
5 बहनों में अकेली कमाऊ सदस्य थी कोमल: मृतक कोमल के पिता प्रमोद प्रसाद पंजाब के लुधियाना में मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं. वह पांच बहनों में चौथे नंबर पर थी और घर में इकलौती कमाने वाली थी. एक भी भाई नहीं है. चार साल पहले बिहार पुलिस में भर्ती हुई कोमल हाल ही में गौरीचक थाने से श्रीकृष्णापुरी थाना में 112 डायल सेवा में स्थानांतरित हुई थी. हादसे से महज 20 दिन पहले ही उसकी नई पोस्टिंग हुई थी
“हमें बेटा नहीं था, कोमल ही हमारा बेटा थी. उसी ने पूरे परिवार की जिम्मेदारी अपने कंधों पर ले ली थी. बहुत गरीबी में पढ़-लिखकर पुलिस में भर्ती हुई थी. दो दिन पहले उससे मेरी बात हुई थी. उस वक्त भी कोमल ने घर के खर्च और छोटी बहन की पढ़ाई की चिंता जताई थी. कल रात 2 बजे पुलिस ने हमलोगों की घटना की सूचना दी.”- रंजू देवी, मृतक कोमल की मां
गांव में पसरा मातम: वहीं, पिता प्रमोद प्रसाद भी लुधियाना से ट्रेन पकड़कर घर लौट रहे हैं. पूरे धनहर गांव में मातम पसरा है. कोमल की अंतिम यात्रा में गांव के सैकड़ों लोग शामिल हुए. हर आंख नम थी और हर जुबां पर एक ही बात ‘कोमल ने बेटा बनकर परिवार को संभाला और अब देश के लिए शहीद हो गई’.

क्या बोले मंत्री जीवेश मिश्रा?: इस दर्दनाक घटना पर शोक व्यक्त करते हुए बिहार सरकार के मंत्री जीवेश कुमार ने भी कोमल की बहादुरी को सलाम किया. वहीं, आरोपी की गाड़ी पर बीजेपी की स्टीकर लगे होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि आरोपी चाहे जो भी, उससे फर्क नहीं पड़ता. पुलिस सख्त एक्शन लेगी और गुनहगार जेल जाएगा.
“बहुत दुखद घटना हुई. जिसने अपने बच्चे को खोया है, उस परिवार के प्रति संवेदना है. भगवान उनको दुख सहन करने की शक्ति दे. झंडा बीजेपी का हो, जदयू का हो या राजद का हो. घटना तो घटना है. सरकार निष्पक्ष जांच करेगी. अगर कोई दोषी हो तो एसएसपी ने कहा है कि कार्रवाई करेंगे.”- जीवेश मिश्रा, मंत्री सह बीजेपी नेता
कैसे हुई घटना?: दरअसल, बुधवार रात करीब 12:30 बजे पटना के अटल पथ पर ड्यूटी पर तैनात कोमल अपनी टीम के साथ वाहन चेकिंग में लगी थी. उसी दौरान दीघा की ओर से आ रही स्कॉर्पियो ने 90 किलोमीटर की रफ्तार से पुलिसकर्मियों को टक्कर मार दी. हादसे में एसआई दीपक कुमार, एएसआई अवधेश प्रसाद और सिपाही कोमल तीनों उछलकर दूर जा गिरे. तीनों को अस्पताल ले जाया गया लेकिन कोमल की जान नहीं बचाई जा सकी.


