गुमला जिले में डायन-बिसाही के आरोप में पति, पत्नी और बेटे को जमकर पीटा गया है. पूरे परिवार पर लाठी-डंडे, चाकू और तलवार से हमला कर उन्हें बुरी तरह घायल कर दिया गया. गांववालों ने परिवार की जान बचायी. इसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया. पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है. आरोपियों ने थाने में शिकायत करने पर पूरे परिवार को जान मारने की धमकी दी है.
(गुमला)-झारखंड के गुमला जिले में अंधविश्वास की जड़ें इतनी गहरी हो गयी हैं कि इतनी जागरूकता के बावजूद लोग डायन-बिसाही के शक में जान लेने पर उतारू हैं. ऐसा ही मामला गुमला जिले के घाघरा थाना क्षेत्र का है. सेहल बरांग गांव निवासी लक्ष्मी देवी (60 वर्ष), उसके पति पीयर महतो (65 वर्ष) और उसके बेटे सकलदीप महतो (35 वर्ष) को डायन बिसाही के आरोप में गांव के ही कुछ लोगों ने लाठी डंडे, तलवार और चाकू मारकर बुरी तरह जख्मी कर दिया. सभी घायलों को घाघरा अस्पताल में भर्ती कराया गया है. आरोपियों ने थाने में शिकायत करने पर पूरे परिवार को जान मारने की धमकी दी है. थानेदार पुनीत मिंज ने कहा कि पीड़ित पक्ष ने आवेदन दिया है. प्राथमिकी दर्ज कर ली गयी है.
डॉक्टर से दिखाने के बजाए लगा रहा डायन-बिसाही का आरोप
पीड़ित लक्ष्मी देवी ने बताया कि गांव के ही सिकंदर महतो के बेटे की तबीयत अक्सर खराब रहती है. बीमारी को डॉक्टर से दिखाने के बजाए वह उन पर डायन-बिसाही का आरोप लगाता है. उसके द्वारा डायन-बिसाही की बात कही जाती है. बीती रात उनका परिवार रात में भोजन करने के बाद सोने की तैयारी कर रहा था. तभी गांव के सिकंदर महतो समेत अन्य लोग लाठी-डंडे से लैस होकर, तलवार और चाकू लेकर उनके परिवार पर हमला कर दिया.
गांववालों ने बचायी परिवार की जान
चीख-पुकार की आवाज सुनकर पति पीयर महतो और उनका बेटा सकलदीप महतो उन्हें बचाने के लिए आए, तो उनके ऊपर भी हमला कर दिया. इसके बाद सभी घायल होकर जमीन पर गिर गए. गांववालों ने किसी तरह उन लोगों की जान बचायी. पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है.


